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हार की पहली समीक्षा बैठक में कांग्रेसियों में तीखी तकरार

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चंडीगढ़। लोकसभा चुनाव में हुई हार की समीक्षा के लिए बुलाई गई पहली ही बैठक में कांग्रेसियों में तीखी तकरार हो गई। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा और उनके विरोधी गुट के कार्यकर्ताओं में ख्ूाब नोकझोंक हुई। जब कार्यकर्ता आपस में उलझ गए तो पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने खड़े होकर बीच बचाव कराया। दूसरी ओर कांग्रेस की ब्लॉक प्रेसीडेंट प्रेमलता ने अपनी ही पार्टी के पदाधिकारी के खिलाफ दी थाने में अभद्रता की शिकायत दी है। यह मामला भी तूल पकड़ गया है।
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सेक्टर 35 के कांग्रेस भवन में रविवार को समीक्षा बैठक बुलाई गई थी। बैठक में पवन बंसल, प्रदीप छाबड़ा समेत कई पदधिकारी मौजूद थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने इस बात पर आपत्ति जताई कि हार के कारणों की समीक्षा के लिए बैठक इतनी लेट क्यों बुलाई गई। यह पहले बुलाई जानी चाहिए थी। इस पर प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि जून में पार्टी के कई नेता छुट्टियों में बाहर चले जाते हैं। इस कारण देरी हुई। कुछ कार्यकर्ताओं ने सीनियर नेताओं पर ठीक से काम न करने का आरोप भी लगाया। कहा कि छोटे स्तर के कार्यकर्ताओं को तो कुछ कमी होने पर सीनियर नेता खूब खरी खोटी सुनाते हैं लेकिन वही नेता चुनाव के दौरान मंच पर बैठने के लिए आपस में लड़ते हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान नेताओं ने अपने क्षेत्र में सही से काम नहीं किया। कुछ तो सिर्फ हाजिरी के लिए आते थे। गाड़ी से उतरते तक नहीं थे। ऐसे नेताओं पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस बात पर कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ पड़े। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने खुद खड़े होकर बीच बचाव किया।
सूत्रों की मानें तो पवन कुमार बंसल ने बैठक में अगला चुनाव न लड़ने के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने बैठक में कहा कि एकजुट होकर पार्टी के लिए काम करें। आने वाले नगर निगम चुनाव की तैयारी में जुट जाएं। बंसल ने चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं के काम को सराहा। कहा कि दो वर्षों तक पार्टी के लिए जोरदार तरीके से काम करेंगे।
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प्रेमलता ने थाने में दी शिकायत-गुजराल ने मुझे गालियां दीं :
समीक्षा बैठक में हुई तकरार बाद में भी नजर आई। ब्लॉक प्रेसीडेंट प्रेमलता ने अपनी ही पार्टी के लीगल सेल के चेयरमैन एएस गुजराल पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए सेक्टर 36 थाने में तहरीर दी है। वहीं एक शिकायती पत्र प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा को सौंपते हुए उसकी प्रति सोनिया गांधी समेत विभिन्न पदाधिकारियों को भेज दी है। प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि सोमवार को पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। यदि कहीं कोई कमी मिली तो कार्रवाई करेंगे।
जानकारी के अनुसार, समीक्षा बैठक में प्रेमलता ने निगम के चुनावों में मनमाने तरीके से टिकट बांटने का आरोप लगाते हुए एएस गुजराल पर कुछ टिप्पणी कर दी। इस पर कुछ पदाधिकारियों ने प्रेमलता को समझाते हुए कहा कि बैठक में एएस गुजराल मौजूद नहीं हैं, इसलिए इस मामले को अभी न उठाएं। इस पूरे प्रकरण की सूचना किसी ने गुजराल को दे दी। शिकायती पत्र में प्रेमलता ने आरोप लगाया है कि एएस गुजराल ने उन्हें गालियां दी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। ज्ञात हो कि एएस गुजराल कांग्रेस पार्षद रविंदर कौर गुजराल के पति हैं।
कांग्रेस ब्लॉक प्रेसीडेंट प्रेमलता का कहना है कि मैंने बैठक में बस इतना कहा कि एएस गुजराल ने मेरी चुनाव में मदद नहीं की। बैठक से निकलते ही उन्होंने मुझे फोन करके गालियां देनी शुरू कर दी। इसकी रिकॉर्डिंग भी मैंने पुलिस को सौंप दी है।
कांग्रेस के लीगल सेल के चेयरमैन एएस गुजराल का कहना है कि यदि कॉल रिकॉर्डिंग होती तो पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं करती क्या। यह सब अंदर की राजनीति है। मेरी पत्नी को प्रेमलता काफी भला बुरा कहती हैं। दिन में भी जो कॉल की गई हैं, वह सब प्रेमलता ने की हैं। मैंने कोई फोन नहीं किया।
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