फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: अस्पताल की सुरक्षा में अब पुलिस भी करेगी 24 घंटे गश्त

विज्ञापन
विज्ञापन
एमसीएच में ऑक्सीजन पाइप चोरी के बाद प्रशासन हरकत में, नौ महीने में आठ बड़ी घटनाओं ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल
विज्ञापन

रात में केवल एक गेट से होगी मरीजों और तीमारदारों की एंट्री
पुलिस और सुरक्षा गार्ड संयुक्त रूप से करेंगे निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। एमसीएच में ऑक्सीजन पाइप चोरी की खबर प्रकाशित होने के बाद सिविल अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल और मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच) की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अब पुलिस को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
सिविल अस्पताल और एमसीएच में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से मरीजों और उनके परिजनों में चिंता बढ़ गई है। ऑक्सीजन पाइप से लेकर दवाइयों और अन्य सामान तक पर चोर हाथ साफ कर चुके हैं। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे और 43 सुरक्षा गार्ड तैनात होने के बावजूद घटनाएं नहीं थम सकीं। इसके चलते जिला स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों और तीमारदारों से भी सतर्क रहने की अपील की है।
विज्ञापन


ऑक्सीजन पाइप चोरी के बाद बढ़ी सख्ती
नवनिर्मित एमसीएच में हाल ही में हुई ऑक्सीजन पाइप चोरी की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। चोर लिफ्ट के जरिए सातवीं मंजिल तक पहुंचे और कमरे की सीलिंग तोड़कर सक्शन मशीन से कॉपर की ऑक्सीजन पाइप काटकर फरार हो गए। पाइप कटने से करीब एक घंटे तक अस्पताल की ऑक्सीजन सप्लाई बाधित रही। घटना के दौरान पीकू वार्ड में वेंटिलेटर पर भर्ती दो नवजातों को तत्काल सिलेंडर से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई। इस वारदात से अस्पताल को करीब 3.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में कैद दो आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

सुरक्षा के लिए तीन बड़े फैसले
रात के समय अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही केवल एक गेट से होगी। अन्य सभी प्रवेश द्वार बंद रखे जाएंगे।
सिविल अस्पताल और एमसीएच परिसर में पुलिस और सुरक्षा गार्ड संयुक्त रूप से 24 घंटे गश्त करेंगे।
एमसीएच में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
नौ महीने में आठ बड़ी घटनाएं

पिछले नौ महीनों के दौरान अस्पताल परिसर में कई गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें एमसीएच में ऑक्सीजन पाइप चोरी, इमरजेंसी की छत में सेंधमारी, मोर्चरी में चोरी, दवाइयों की अलमारियों में सेंध, वार्डों से पंखे और अन्य सामान चोरी होने की घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा इमरजेंसी के शौचालय में एक नशेड़ी का शव मिलने, बच्चा चोरी के प्रयास और इलाज के दौरान एक कैदी के फरार होने जैसी घटनाओं ने भी सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है।
विज्ञापन


कोट

एमसीएच में चोरी की घटना के बाद सुरक्षा गार्डों की सूची पुलिस को उपलब्ध करा दी गई है। अब पुलिस और सुरक्षा कर्मी संयुक्त रूप से सिविल अस्पताल और एमसीएच में 24 घंटे गश्त करेंगे।
— डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग, पंचकूला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें