संवाद न्यूज एजेंसी
बठिंडा। मौजूदा जगह से मलोट रोड पर शहर का बस स्टैंड बनाने की प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारी के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। वहीं, संघर्ष कमेटी ने इसके विरोध में आंदोलन तेज कर बठिंडा बंद करने का फैसला लिया है।
बस स्टैंड को जीटी रोड से स्थानांतरित कर आगे मलोट रोड में लेकर जाने के विरोध में संघर्ष कमेटी द्वारा सोमवार को लुधियाना कूच का फैसला लिया था। लुधियाना उपचुनाव में कमेटी की तरफ से विरोध प्रदर्शन किया जाना था, लेकिन बठिंडा पुलिस ने सोमवार सुबह ही मल्टी स्टोरी पार्किंग से लेकर आर्यसमाज चौक, धोबी बाजार, कोर्ट रोड व डाॅ. आंबेडकर प्रतिमा के आसपास नाकाबंदी कर विफल कर दिया।
संघर्ष कमेटी के आह्वान के अनुसार, सोमवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे आंबेडकर प्रतिमा के पास स्थित धरना स्थल से बसें लुधियाना के लिए रवाना होनी थीं, जहां लोगों को बस स्टैंड को स्थानांतरित करने के विरोध में प्रदर्शन करना था। हालांकि, बठिंडा पुलिस को इस कार्यक्रम की भनक पहले ही लग गई थी, जिसके चलते एसपी हिना गुप्ता और एसपी जसमीत सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने धरनास्थल को चारों तरफ से घेर लिया था। इस बीच पुलिस की मंशा को भांपते हुए संघर्ष कमेटी ने भी मौके पर अपना रुख बदल लिया और बठिंडा के फायर ब्रिगेड चौक के पास एकत्रित होने लगे, लेकिन पुलिस को भी इसकी सूचना मिल गई। इसके बाद पुलिस ने जाकर उस जगह को घेर लिया। संघर्ष कमेटी के आह्वान पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों ने यहां धरना शुरू कर दिया और सरकार के साथ प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह करीब साढ़े दस बजे तक पुलिस अधिकारियों और संघर्ष कमेटी के बीच तनातनी चलती रही, जिसके चलते प्रदर्शनकारी आंबेडकर प्रतिमा के पास आ गए। संघर्ष समिति के नेता बलतेज सिंह वांदर ने कहा, एक तरफ प्रशासन बातचीत और जनमत की बात कह रहा है और दूसरी तरफ इस तरह की धक्केशाही कर अपनी मंशा को प्रगट कर रहा है। पुलिस ने संघर्ष कमेटी के बैनर तले लुधियाना जाने वाले बठिंडा के लोगों को उनकी अधिक संख्या के कारण रोका है, लेकिन वे जल्द ही रणनीति बनाकर नया कार्यक्रम बनाएंगे। इस बीच, डेमोक्रेटिक राइट्स सोसायटी बठिंडा की जिला इकाई ने भी बस अड्डा बचाओ संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में लुधियाना जाने की कोशिश की लेकिन कार्यकर्ताओं को जबरन रोक लिया गया जिसकी वर्करों ने कड़ी निंदा की है। जिला अध्यक्ष प्रिंसिपल बग्गा सिंह ने इस पुलिसिया बर्बरता को संघर्ष के अधिकार पर बड़ा हमला करार दिया है। समूह नेताओं ने कहा कि वह बठिंडा बंद की काॅल करेंगे व सभी व्यापारी अपना कामकाज बंद कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसे लेकर रणनीति पर विचार कर फैसला लिया जाएगा।