चंडीगढ़। प्रदेश में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित व सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने को लेकर हरियाणा पुलिस की ओर से पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के साथ ही कांवड़ियों के रूटस पर पुलिस को लगातार गश्त करने के लिए आदेश दिए गए हैं। पूरे प्रदेश में कांवड़ यात्रा को लेकर डीजीपी पीके अग्रवाल इसकी निगरानी कर रहे हैं।
डीजीपी ने पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित और अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। खासकर गुरुग्राम, फरीदाबाद, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, रोहतक, सोनीपत, झज्जर, मेवात और पलवल के पुलिस अधिकारियों को कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त जोर देने के लिए कहा गया है। डीजीपी ने बताया कि यात्रा के दौरान बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के उदेश्य से पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पुलिस अधिकारियों के साथ भी बैठकों का आयोजन कर पूरी व्यवस्था की समीक्षा की गई है। कांवड़ियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के आवागमन को सुचारू बनाने के लिए भारी वाहनों की अलग से लेन का प्रबंध किया है। कांवड़ियों की यात्रा के दौरान किसी भी आपातस्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के लिए एंबुलेंस, क्रेन और दमकल वाहनों को महत्वपूर्ण बिंदुओं पर तैनात किया जाएगा। यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने व गश्त के लिए डायल 112 की ईआरवी, पीसीआर और राइडर्स को भी तैनात रहेंगे।
जाम से बचाने की तैयारी
यातायात जाम से बचने और सुरक्षा व्यवस्था के साथ मुख्य सड़कों से शिविर या पार्किंग स्थल दूर स्थित करने के लिए कहा गया है। सभी अधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि कांवड़ियों के शिविर सड़क के किनारे से पर्याप्त दूरी पर स्थापित किए जाएं और शिविर उसी तरफ स्थित होने चाहिए जिस पर कांवड़िये यात्रा करते हैं। पूरे क्षेत्र में अधिक यातायात कर्मी तैनात करने के साथ साथ आवश्यकता होने पर यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट करने के लिए भी कहा गया है। इसके अलावा, उन्हें महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। डीजीपी ने कांवड़ियों से भी अपील की है कि करते हुए आग्रह किया कि वे सड़क के बीच में न चलकर एक साइड में चलें।