पंचकूला। शहर में नशे पर पूरी तरह से रोकथाम लगाने और युवाओं को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर राकेश कुमार आर्य के निर्देश में नशा और हिंसा मुक्त मेरा गांव मेरी शान अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत ग्रामीण इलाकों में लोगों को नशे के दुष्प्रभाव बताए और नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने महिला निरीक्षक राजेश कुमारी की अगुवाई में दो अलग-अलग गांव रामपुरा सियुडी और सूरजपुर का दौरा किया। टीम ने लोगों को नशे के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी। जागरूकता कार्यक्रम में गांव की महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए।
गठित टीम द्वारा विशेष रूप से गांव सूरजपुर में दौरे के दौरान एक व्यक्ति को चिह्नित किया, जो नशे की चपेट में पाया गया। पुलिस टीम ने उसे तुरंत इलाज के लिए सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस कमिश्नर ने अभियान के संबंध में टीम का गठन करते हुए कहा कि वर्तमान में युवाओं में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जो परिवार और समाज के लिए गंभीर चुनौती है।
इस अभियान का उद्देश्य न केवल नशे से जुड़ी जानकारी देना है, बल्कि समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम और पुनर्वास प्रयासों के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालना है। हम सभी से अपील करते हैं कि समाज को नशामुक्त बनाने के अभियान में पुलिस का सहयोग करें। नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 708-708-1100 जारी किया है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पता पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा।