चंडीगढ़। अवैध रूप से पुलिस हिरासत में रखने और प्रताड़ित करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर एडिशन पुलिस कमिश्नर की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी को इस मामले की जांच कर दस दिन में रिपोर्ट दाखिल करने की हिदायत दी गई है। यह जानकारी लुधियाना के पुलिस कमिश्नर ने हलफनामा दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को दी है।
याचिका दाखिल करते हुए सतनाम सिंह ने एडवोकेट सर्वेश गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि उसके बेटे दिलबाग सिंह को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में रखा है। हाईकोर्ट में दाखिल इस याचिका पर रविवार को देर रात सुनवाई हुई थी और कोर्ट ने इस मामले में वारंट ऑफिसर नियुक्त करते हुए पीड़ित की खोज के लिए भेजा था। वारंट ऑफिसर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पीड़ित पुलिस की हिरासत में नहीं था। याची पक्ष ने इसपर आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि लुधियाना की हंबरा पुलिस चौकी में सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं जिनकी जांच से स्पष्ट हो जाएगा कि याची का बेटा पुलिस की अवैध हिरासत में था। इसके साथ ही पीड़ित का मेडिकल पेश किया गया जिसके अनुसार उसे गंभीर चोटें आई थीं।
कोर्ट ने इस मामले को लुधियाना के पुलिस कमिश्नर को निजी रूप से देखने का आदेश दिया था। साथ ही याची व पीड़ित को सुनवाई का मौका देकर इस बारे में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। कोर्ट को बताया गया कि पीड़ित पक्ष को सुनवाई का मौका देने के बाद जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में लुधियाना पुलिस कमिश्नर ने हाईकोर्ट से कार्रवाई के लिए चार सप्ताह की मोहलत मांगी। इसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी।