पंचकूला। कहते हैं, मुश्किल वक्त इंसान को में निखार लेकर आता है। सेक्टर-7 की पूनम राठौर इसकी जीवंत मिसाल हैं। सिंगल मदर पूनम आज घर पर बने होममेड केक बनाकर अपनी और अपनी बेटी की परवरिश कर रही हैं।
उच्च शिक्षा प्राप्त कर पूनम ने शुरू में निजी कंपनी में जॉब जॉइन की थी। शादी के शुरुआती वर्षों में घर पर हुए हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनके पति उन्हें अकेला छोड़कर चले गए। कठिन परिस्थितियों में पूनम ने हार नहीं मानी और अपने शौक को रोजगार का साधन बना लिया।
बचपन से बेकिंग का शौक रखने वाली पूनम ने घर पर छोटे स्तर पर केक बनाना शुरू किया। शुरुआत में दोस्तों और पड़ोसियों के लिए तैयार किए गए केक धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में लोकप्रिय हुए। आज उनके होममेड केक जन्मदिन, सालगिरह और अन्य खास अवसरों पर खूब पसंद किए जाते हैं।
पूनम का कहना है कि महिलाओं को कभी हार नहीं माननी चाहिए। खुद पर भरोसा रखें तो कोई मुश्किल बड़ी नहीं है। कठिन परिस्थितियों में हिम्मत और मेहनत से उन्होंने साबित कर दिया कि आत्मनिर्भरता ही सच्ची ताकत है और हर सपना साकार किया जा सकता है।