पॉड कार को चालू करने के लिए बाउंड्री वॉल सहित केवल 6 एकड़ भूमि की आवश्कता है। एचएमआरटीसी डीपीआर तैयार करने के बाद यूटी प्रशासन, भारतीय वायु सेना और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीएचआईएएल) को सौंपेगा। हालांकि, यूटी प्रशासन पहले से ही चंडीगढ़ से न्यू एयरपोर्ट टर्मिनल तक सड़क संपर्क प्रदान करने की प्रक्रिया में है।
77 पॉड कार को संचालित करने की तैयारी
इस योजना के तहत यात्रियों के साथ-साथ माल के परिवहन के लिए शुरू में 77 पॉड्स को सेवा में रखने की योजना है। इस परिवहन व्यवस्था के तहत पॉड्स को बीच में जबरदस्ती नहीं रोका जा सकता है। इस प्रकार यह किसी भी सुरक्षा चिंता का समाधान भी करता है। इस पॉड कार परिवहन व्यवस्था में यात्रा समय केवल 8 से 10 मिनट की होगी।
गौरतलब है कि सीएचआईएएल एक ज्वाइंट वेंचर कंपनी हैं, जोकि पंजाब और हरियाणा सरकार के सहयोग से गठित की गई। यह कंपनी यूटी चंडीगढ़ और पंजाब के मोहाली व हरियाणा के पंचकूला शहरों में सेवाएं देगी। चंडीगढ़ स्थित एयरपोर्ट 6 घरेलू उड़ानों व 18 घरेलू गंतव्यों से जुड़ा हुआ है। एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को भी जोड़ा जा चुका है। एक पॉड कार में 6 लोगों के बैठने का स्थान होगा।
समय व दूरी की होगी बचत
चंडीगढ़ से पुराना एयरपोर्ट टर्मिनल 8-12 किलोमीटर की दूरी है, जबकि नया एयरपोर्ट टर्मिनल 15-18 किलोमीटर की दूरी पर है। पंचकूला से पुराना एयरपोर्ट टर्मिनल 8-10 किलोमीटर की दूरी है, जबकि नया एयरपोर्ट टर्मिनल 20-25 किलोमीटर की दूरी पर है।
अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल से वर्तमान कनेक्टिविटी ऐसी है कि हिमाचल प्रदेश और पंचकूला की ओर से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों को नए टर्मिनल तक पहुंचने के लिए काफी लंबी दूरी तय करनी होगी।
पीआरटी द्वारा पुराने टर्मिनल को अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल तक पहुंचने में मात्र 8-10 मिनट का समय लगेगा। पीआरटी सिस्टम के बेहतर और कुशल उपयोग के लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग और कार्गो टर्मिनल को भी कनेक्टिविटी दी जा सकती है।