पंचकूला। कबाड़ बने स्ट्रेचर मिर्गी का मरीज दस मिनट तड़पता रहा, नहीं मिला स्ट्रेचर शीर्षक से खबर छपने के बाद सिविल अस्पताल सेक्टर -6 का अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया है। अस्पताल के पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने सुपरवाइजर और गार्डों को निर्देश दिए है कि इमरजेंसी के सामने से जो भी मरीज स्ट्रेचर और व्हीलचेयर ले जाते हैं। उन्हें दोबारा गार्डों की ओर से इकट्ठा किया जाए, जिससे कि इमरजेंसी में किसी प्रकार से लोगों को स्ट्रेचर की कमी न हो। पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर -6 में रोजाना चार हजार मरीज आते हैं। इस दौरान इमरजेंसी में तीन सौ मरीज आते हैं। कई बार सीरियस मरीज होने के कारण स्ट्रेचर में ओपीडी जाते है। इसके अलावा पोस्टमार्टम हाउस तक भी कई कामों के लिए इनका इस्तेमाल होता है। इस कारण स्ट्रेचर वापस नहीं होता है। उन्होंने कहा कि सभी जगह पर स्ट्रेचर सही तरीके से रखा जाए।