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धोखाधड़ी से प्लॉट पर कब्जा कर किसी अन्य को बेचा, आरोपी गिरफ्तार

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पंचकूला। गांव लोहगढ़ में महिला सुनीता गोयल के आठ बिस्वा के प्लॉट पर कब्जा कर उसे किसी अन्य को बेचने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिंजौर के मानकपुर निवासी एवं दफ्तर लांबा रियल एस्टेट लोहगढ़ का संचालक बहादुर सिंह है। हालांकि दर्ज मामले में आरोपी बहादुर सिंह समेत कुल तीन आरोपी नामजद हैं। अन्य दो आरोपियों में गांव रतपुर निवासी ज्ञानचंद और उसकी पत्नी रशपाल कौर शामिल है। फिलहाल पुलिस आरोपी बहादुर सिंह से पूछताछ कर यह पता लगाने के प्रयास में है कि उन्होंने किन कारणों और किस माध्यम से सुनीता गोयल के प्लॉट पर कब्जा कर उसे किसी अन्य को बेचा।
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मामले की शिकायतकर्ता गांव लोहगढ़ पिंजौर निवासी सुनीता गोयल ने पुलिस को बताया कि उन्होंने उषा गुप्ता और सविता गुप्ता के साथ मिलकर जसविंद्र सिंह से आठ बिस्वा का प्लॉट गांव लोहगढ़ में लिया था। उसकी 12 दिसंबर 2011 की रजिस्ट्री भी है। जसविंद्र सिंह ने रजिस्ट्री करवाकर उन्हें प्लॉट का कब्जा आंचल विहार कॉलोनी में दिया था। ज्ञानचंद और बहादुर सिंह लांबा ने जून 2015 में उनके प्लॉट पर कब्जा करने का प्रयास किया था। इस संबंध में 19 जून 2015 को डीडीआर भी दर्ज है। आरोप है कि तीन फरवरी 2018 की सुबह आरोपियों ने प्लॉट के पास ईंट व रेत उतारना शुरू कर दिया। सुनीता जब सुबह के समय पति के साथ सैर करने गई तो उन्होंने आपत्ति जताई। तो वहां मौजूद हरविन्द्र राठी और उनकी पत्नी ने फोन कर बहादुर सिंह को मौके पर बुला लिया। बहादुर सिंह ने वहां पहुंचकर प्लॉट उसका होने की बात कही। सुनीता और उनके पति ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। सूचना पर थाना पिंजौर से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने प्लॉट से संबंधित दस्तावेज दिखाने के लिए अगले दिन का समय मांगा।
इसके बाद आरोपी सुनीता के घर गए और उन्हें प्लॉट की कीमत 24 लाख रुपये के मुकाबले 34 लाख रुपये देने की बात कही। सुनीता और उनके पति के झांसे में फंसने पर आरोपियों ने उनको दस हजार रुपये टोकन मनी दे दी। साथ ही लिखित में भरोसा दिया कि वे सात फरवरी 2018 को पांच लाख रुपये बयाना देंगे। बकाया पांच लाख रुपये बयाना 15 फरवरी 2018 को देंगे। आरोपियों ने 15 मार्च 2018 को रजिस्ट्री के समय ही बकाया 23 लाख 90 हजार रुपये देने की बात कही। आरोपी तय सौदे के अनुसार सात फरवरी 2018 को बयाना करने नहीं आए। सुनीता गोयल अपने पति और बेटे सहित आठ फरवरी 2018 की सुबह प्लॉट पर गई तो देखा कि आरोपियों ने जमीन पर बना उनका एक सौ वर्गफुट का कमरा तोड़कर वहां गड्ढा कर टैंक बना दिया है। कमरे में रखी चार प्लास्टिक की कुर्सियां, टेबल, तीन कस्सी, गैंती, तीन तसले और कमरे का दरवाजा (लोहे का) चोरी भी नहीं मिला। उसी दौरान आरोपी बहादुर सिंह, ज्ञान चंद और उसकी पत्नी रशपाल कौर प्लॉट पर पहुंचे। आरोपियों ने प्लॉट को हरविन्द्र राठी व उसकी पत्नी नीलम राठी को बेचने की बात कही। आरोपियों ने सुनीता गोयल और उनके परिवार के सदस्यों को धक्के मारकर गालियां निकाली। बहादुर सिंह ने सुनीता और उनके परिवार के सदस्यों को पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने और लाशों का पता नहीं लगने देने की धमकी दी।
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