जिले के बीपीएल धारकों को स्वास्थ्य विभाग प्लेटलेट्स मुहैया कराने का बड़े-बड़े दावे तो करता है। लेकिन, असल में स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड कुछ और ही बयां कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग पिछले साल से अब तक बीपीएल मरीजों को प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने के नाम पर कुछ नहीं किया। पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने अमर उजाला से बताया कि बीपीएल धारकों को प्लेटलेट्स की सुविधाएं दी जा रही हैं।
लेकिन जब इसका रिकार्ड मांगा गया तो वह मामले को एक-दूसरे पर टालने लगे। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जब से राज्य सरकार और स्वास्थ्य महानिदेशक ने इस संबंध में घोषणा की है, तब से अबतक किसी भी बीपीएल धारक को स्वास्थ्य विभाग ने प्लेटलेट्स मुहैया नहीं कराई है।
हाल यह है कि अस्पताल में आने वाले बीपीएल मरीजों को ये तक नहीं पता है कि प्लेटलेट्स का खर्चा स्वास्थ्य विभाग वहन करता है।
क्या हैं नियम
जब बीपीएल मरीज को प्लेटलेट्स की आवश्यकता पड़ती हैं। उसे जिला स्वास्थ्य कल्याण समिति की ओर से प्लेटलेट्स मुहैया कराई जाती हैं। इसी फंड से पैसा पास होता है। इसके लिए विभाग शहर के प्राइवेट अस्पतालों या गवर्नमेंट हास्पिटल चंडीगढ़ पीजीआई, जीएमसीएच, टाइअप करता है।
स्वास्थ्य विभाग का आकड़ा
वर्ष 2012 से अबतक करीब 30 बीपीएल के मरीज पहुंचे, लेकिन एक भी मरीज को सुविधा नहीं मिली। इस साल 2013 में चार से पांच बीपीएल मरीज राजीव कालोनी, इद्राकालोनी, पिंजौर से पहुंच चुके हैं। उन्हें भी सुविधा के नाम पर रेफर कर दिया गया।
बीपीएल धारकाें को हर तरह की स्वास्थ्य से संबंधित सुविधाएं दी जाती है। कितने बीपीएल मरीजों को सुविधा मिली इसकी रिपोर्ट के लिए अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करें।
वीके बंसल, सिविल सर्जन पंचकूला
बीपीएल धारकों को प्लेटलेट्स मुहैया कराई जाती हैं। रिकार्ड उपलब्ध कराना मुश्किल होगा।
उषा गुप्ता, पीएमओ जनरल अस्पताल पंचकूला