सचिन पायलट ने शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव के दावों पर निशाना साधा
सिसोदिया ने दी चुनौती- पंजाब व हिमाचल के स्कूलों का मिलकर करें ऑडिट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी स्कूलों की स्थिति पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी शुक्रवार को आमने-सामने आ गईं। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने मान सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसके जवाब में आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने पलटवार करते हुए पायलट को पंजाब और हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों की संयुक्त जांच की चुनौती दी।
पायलट ने सरकारी स्कूलों की बदहाल इमारतों और शिक्षकों की कमी से जुड़ी तस्वीरों व मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया। उन्होंने सरकार के शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव के दावों पर निशाना साधा। पायलट ने कहा कि स्कूलों की वास्तविक स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी देखी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की जनता आप सरकार की नाकाम नीतियों का हिसाब लेने को तैयार है। कांग्रेस 2027 का चुनाव पूरी मजबूती से लड़ेगी। पार्टी युवाओं के बेहतर भविष्य और पंजाब के विकास को मुख्य मुद्दा बनाएगी।
पायलट ने ड्रग्स के मुद्दे पर भी आप सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशे की समस्या से निपटने में नाकाम रही है। पायलट ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी पंजाब में नशे की आपूर्ति रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।
आप की चुनौती :
सिसोदिया ने एक्स पर लिखा कि आप ऐसे ही शानदार 1,000 स्कूल दिखा सकती है। उन्होंने पायलट से हिमाचल प्रदेश के ऐसे 1,000 स्कूल दिखाने को कहा। सिसोदिया ने दोनों राज्यों के सरकारी स्कूलों का मिलकर जांच करने की चुनौती दी।
शिक्षा बना सियासी मुद्दा :
सिसोदिया ने पंजाब में करीब 20 हजार सरकारी स्कूलों में सुधार का दावा किया। उन्होंने हजारों नए क्लासरूम और लैब समेत बुनियादी ढांचे में बदलाव की बात कही। चुनाव से पहले शिक्षा अब कांग्रेस और आप के बीच बड़ा सियासी मुद्दा बनती दिख रही है। दोनों पार्टियां इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर लगातार हमला कर रही हैं।