चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फगवाड़ा नगर निगम मेयर चुनाव में बाधा डालने पर राज्य प्राधिकरणों की लापरवाही को निंदनीय करार दिया है। हाईकोर्ट ने चुनाव कराने के लिए पूर्व हाईकोर्ट जज जस्टिस हरबंस लाल को स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
24 जनवरी को हाईकोर्ट ने फगवाड़ा नगर निगम के पार्षदों की पहली बैठक बुलाकर मेयर चुनाव कराने का निर्देश दिया था। सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि चुनाव हंगामे के कारण नहीं हो सका। इस पर हाईकोर्ट नाराजगी जताते हुए कहा कि जब कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे, तो यह बहाना नहीं बनाया जा सकता। राज्य सरकार के पास पर्याप्त संसाधन थे, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की, जो निंदनीय और अवमानना योग्य है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, जहां स्पष्ट एवं स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य-अधिकारियों ने निर्देशों का पालन करने के बजाय मुकदमेबाजी के दूसरे दौर को जन्म दिया। राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि 28 जनवरी को एक नई अधिसूचना जारी कर 1 फरवरी, 2025 को दोपहर 4 बजे बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया है। इसमें शपथ ग्रहण और मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होगा। कोर्ट ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव से जुड़े आदेश का संज्ञान लेते हुए फगवाड़ा नगर निगम चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जस्टिस हरबंस लाल को स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त किया।