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हड़तालः पीजीआई चंडीगढ़ में ओटी में ले जाकर मना कर दिया आज नहीं होगी सर्जरी, चिपकाया नोटिस

Wed, 28 Aug 2019 10:46 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीजीआई चंडीगढ़ में चिपका नोटिस - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के सिरमौर से आए मुनीश (बदला हुआ नाम) की कॉमन बाइल डक्ट (सीबीडी-पित्त की थैली के आगे वाली पाइप) स्टोन की वजह से ब्लॉक हो गई थी। वह 22 अगस्त को पीजीआई की इमरजेंसी में आए थे और उन्हें 27 अगस्त को ऑपरेशन की डेट दे दी गई थी। इसके बाद उन्होंने सारा सामान मंगवा लिया। मंगलवार सुबह उन्हें ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया लेकिन कुछ देर बाद उनसे कहा गया कि कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से आज सर्जरी नहीं हो पाएगी। उसके बाद उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। अब उनकी बाद में सर्जरी होगी।
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मुनीश जैसे करीब 150 मरीज ऐसे थे, जिन्हें मंगलवार को पीजीआई में आपरेशन थियेटर से लौटा दिया गया। नेहरू हास्पिटल के चौथे व पांचवें फ्लोर पर मंगलवार को सर्जरी ठप रही। जो बहुत ही गंभीर मरीज थे, जिनकी सर्जरी टाली नहीं जा सकती थी, उनमें से तीन से चार मरीजों की ही सर्जरी की गई। हालांकि इमरजेंसी व आई सेंटर में सर्जरी जारी रही। आपरेशन टलने की मुख्य वजह कांट्रैक्ट वर्करों की हड़ताल रही है। सफाई कर्मचारियों के नहीं होने से आपरेशन थियेटर सैनिटाइज नहीं हो पा रहे थे। इस वजह से सभी आपरेशन टाल दिए गए।

पीजीआई कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन के आह्वान पर तीन हजार कर्मचारी सोमवार व मंगलवार को हड़ताल पर रहे। इनमें कांट्रैक्ट पर तैनात सफाई कर्मचारी, हास्पिटल अटेंडेंट, लिफ्ट ऑपरेटर, माली, किचन डिपार्टमेंट, हॉस्पिटल अटेंडेंट, सेनेटरी अटेंडेंट, डायलिसिस टेक्नीशियन शामिल हैं। उनकी प्रमुख मांग सामान काम, सामान वेतन है। आपरेशन थियेटर से लौटाए गए मरीजों के परिजनों का कहना था कि अस्पताल प्रशासन को हड़ताल की सूचना पहले से ही मिल गई थी लेकिन पीजीआई की ओर से इसके इंतजाम नहीं किए गए। एक दिन पहले तक अटेंडेंट को नहीं बताया गया। यदि पहले से ही बता देते हैं तो उन्हें इतनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि देर शाम हाईकोर्ट ने हड़ताल पर रोक लगा दी है।
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इसलिए रद्द की गई सर्जरी

सोमवार रात तक सर्जरी टालने का कोई प्लान नहीं था। मगर मंगलवार सुबह जब आपरेशन थियेटर खुले तो वे पूरी तरह से साफ नहीं थे। इससे मरीजों में इंफेक्शन होने का खतरा था। डाक्टरों ने इस बात की संभावना जताई कि यदि आपरेशन हुआ तो मरीज को इंफेक्शन हो सकता है। उसके बाद आपरेशन टालने का फैसला लिया गया।

ओपीडी में बिखरा रहा कूड़ा, नहीं हुई सफाई
तीन हजार कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से पीजीआई हिल गया। न्यू ओपीडी सहित अन्य जगहों की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। ओपीडी में जगह-जगह कूड़ा बिखरा पड़ा था। जहां हर दूसरे घंटे सफाई होती थी, वहां सुबह से सफाई नहीं हुई थी। सभी टॉयलेट यूरीन से भरे रहे। साफ-सफाई नहीं होने से बदबू भी आ रही थी। फर्श पर धूल बिखरी हुई थी। ओपीडी के मुख्य गेट पर व्हील चेयर व ट्रालियां भी बिखरी हुई थीं। इससे मरीजों के आने-जाने में परेशानी आ रही थी। ऐसा ही कुछ हाल वार्ड में भी था। पीजीआई के सेंट्रल रिफ्यूज प्वाइंट पर भी काफी कूड़ा जमा है।
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