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पीजीआई एंट्रेंस नकल मामले में पी.ललिता को कोर्ट से मिली जमानत

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चंडीगढ़। जिला अदालत ने पीजीआई में एमडी/एमएस एंट्रेंस एग्जाम में नकल करने के मामले में आरोपी पी. ललिता की अग्रिम जमानत याचिका मंजूरी कर दी है। पी. ललिता आंध्र प्रदेश की रहने वाली है। कोर्ट में पेश न होने पर अदालत ने उसके खिलाफ नॉन बेलेबल वॉरेंट जारी कर दिए थे। बीते 27 अगस्त को महिला ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। याचिका में कहा था कि उसे केस में झूठा फंसाया जा रहा है। वह एग्जाम के लिए चंडीगढ़ आई ही नहीं थी।
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मामला 12 नवंबर 2012 है। जब पीजीआई का एंट्रेंस एग्जाम होना था। इस केस में कुल 32 आरोपी हैं। चार आरोपी अदालत से भगौड़ा घोषित किए जा चुके हैं। आंध्र प्रदेश के डॉ. गुरिवी रेड्डी ने पूरे घोटाले की योजना बनाई थी। उसने पेपर में कैंडिडेट्स को नकल करवाने के लिए 30 से 40 लाख रुपये की रिश्वत ली थी। पेपर से एक रात पहले ही सीबीआई को इसकी जानकारी मिल गई थी। पेपर के लिए डमी कैंडिडेट्स तैयार किए थे। अपने कपड़ों में लगे बटन-होल कैमरा के जरिए यह कैंडिडेट्स पेपर को लीक करने वाले थे। सेक्टर-35 के एक होटल में डॉ. गुरिवी रेड्डी ने कमरा ले रखा था। उसी कमरे में कंट्रोल रूम बनाया गया था। जैसे ही पेपर लीक होना था, वैसे ही वह पेपर कंट्रोल रूम के जरिए अलग-अलग जगहों पर बैठे सब्जेक्ट एक्सपर्ट के पास जाना था, जो आगे कैंडिडेट्स को नकल करवाते। ऐसा होने से पहले ही सीबीआई ने मामले का पर्दाफाश कर दिया था।
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