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आईसीएमआर 2018 के चार अवार्ड आए पीजीआई चंडीगढ़ के खाते में, जानिए चारों की उपलब्धियां

Wed, 18 Sep 2019 02:33 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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भारत सरकार के आधीन काम करने वाले भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने साल 2018 के आईसीएमआर अवार्ड की घोषणा कर दी है। इसमें पीजीआई के चार डाक्टर शामिल हैं। ये अवार्ड विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट शोध करने पर दिया जाता है।
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पीजीआई से स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के एडिशनल प्रोफेसर डा. रविंद्रा खैवाल, स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के एडिशनल प्रोफेसर डा. शंकर प्रिंजा, पीजीआई के एंडक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डा. संजय भदादा और पीडियाट्रिक मेडिसिन के प्रोफेसर डा. अमित रावत शामिल हैं। इन सभी डाक्टरों को अवार्ड जल्द ही दिए जाएंगे।

डा. रविंद्रा खैवाल : पीजीआई के स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ में एडिशनल प्रोफेसर के पद पर डा. रविंद्रा खैवाल कार्यरत हैं। उन्होंने 2011 में पीजीआई ज्वाइन किया था। इससे पहले वे बेल्जियम और यूके में काम कर रहे थे। वे इन्वायरमेंट पॉल्यूशन से होने वाली बीमारियों और मौतों को कम करने की दिशा में काम रहे हैं। इस पर उन्होंने कई शोध किए हैं, जो राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें आईसीएमआर के डा. पीएन राजू ओरेशन अवार्ड के लिए चुना गया है। यह अवार्ड हर तीसरे साल इन्वायरमेंट हेल्थ पर उत्कृष्ट कार्य करने पर दिया जाता है।
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डा. शंकर प्रिंजा : पीजीआई के स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ में एडिशनल प्रोफेसर के तौर पर डा. शंकर प्रिंजा कार्यरत हैं। उनका मुख्य रूप से काम हेल्थ इकनामिक्स पर है। उन्होंने स्वास्थ्य देखभाल की लागत का आकलन करने के लिए कई अध्ययन किए हैं। स्वास्थ्य देखभाल के उपयोग, आउट-ऑफ-पॉकेट व्यय और इक्विटी पर स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रमों के प्रभाव का मूल्यांकन किया है। वे कई राज्य सरकारों की ओर से चलाए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लोगों पर पड़ रहे प्रभावों का मूल्यांकन करने में शामिल रहे हैं। उन्हें आईसीएमआर के प्रोफेसर बीसी श्रीवास्तव फाउंडेशन अवार्ड के लिए चुना गया है।

डा. संजय भदादा : पीजीआई के एंडक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट में प्रोफेसर के पद पर डा. संजय भदादा कार्यरत हैं। उन्हें यह अवार्ड हाइपर पैरा थायरायडिज्म पर किए जा रहे शोध पर दिया गया है। यह एक दुर्लभ बीमारी है और समय पर डायग्नोज नहीं होने पर किडनी और हड्डियों पर फर्क पड़ता है। उन्होंने साल 2002 में पीजीआई ज्वाइन किया था। वे आस्टियोपोरोसिस, डायबिटीज और वीट एलर्जी पर काम कर रहे हैं। इस क्षेत्र में उनका नाम पूरे देश में जाना-पहचाना है। वे समय-समय पर पब्लिक हेल्थ टॉक व अवेयरनेस कैंप लगाते रहते हैं। उन्हें डा. कुंती एंड ओम प्रकाश ओरेशन अवार्ड के लिए चुना गया है।

डा. अमित रावत : पीजीआई के पीडियाट्रिक मेडिसिन में प्रोफेसर के पद पर डा. अमित रावत कार्यरत हैं। उन्हें बीजीआरसी सिल्वर जुबली ओरेशन अवार्ड के लिए चुना गया है। उनका मुख्य काम प्राइमरी इम्युनोडिफेसिएंसी, आटोइम्युनिटी और इम्युनोलॉजी पर रहा है। इस क्षेत्र में उनका नाम जाना-पहचाना रहा है। उनके 100 से ज्यादा शोध राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित हो चुके हैं।
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