चंडीगढ़ सेक्टर-32डी स्थित मौत के पीजी के संचालक नीतेश बंसल का दो दिन का रिमांड खत्म होने पर पुलिस ने मंगलवार को जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे 14 दिन के न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि गौरव अनेजा और नीतेश पोपली का अभी तक सुराग नहीं लग सका है। सेक्टर-34 थाना पुलिस ने आरोपी नीतेश को शनिवार को गिरफ्तार किया था।
पीजी 3325 के संचालक नीतेश बंसल को पुलिस ने नवंबर और फरवरी में धारा 188 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। हालांकि, अदालत में जुर्माना भरने के बाद उसे छोड़ दिया गया। शनिवार शाम करीब चार बजे सेक्टर-32डी पीजी में लैपटॉप चार्जिंग के दौरान अचानक आग लग गई। तेजी से कमरे में धुआं फैलने से पीजी में मौजूद छात्राओं का दम घुटने लगा।
इस दौरान कुछ छात्राएं वहां से भागने में कामयाब हो गईं, जबकि पांच छात्राएं फेमिना, जेसमीन, रिया, मुस्कान और पाक्षी धुएं और आग में फंस गईं। अपनी सूझबूझ से फेमिना और जेसमीन पड़ोसी के घर में पीजी से छलांग लगाकर खुद की जान बचाने में कामयाब हो गई, जबकि हादसे में कोटकपूरा (पंजाब) के सत्य बाजार निवासी पाक्षी ग्रोवर (20), कपूरथला (पंजाब) निवासी रिया अरोड़ा (19) की धुएं में दम घुटने और हिसार के लक्ष्मी नगर निवासी मुस्कान (21) की झुलसने से मौत हो गई।
सेक्टर-34 थाना पुलिस ने कोठी मालिक गौरव अनेजा और पीजी संचालक नीतेश बंसल व नीतेश पोपली के खिलाफ आईपीसी 304, 336 और 34 के तहत मामला दर्ज कर नीतेश बंसल को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में पिछले डेढ़ साल से अवैध रूप से गर्ल्स पीजी चलाया जा रहा था। कोठी मालिक गौरव अनेजा से नीतेश बंसल 90 हजार रुपये प्रतिमाह पर कोठी किराये पर लेकर पीजी चलाने लगा। पीजी में करीब 10 से ज्यादा कमरे हैं और इसमें 34 छात्राएं रहती थीं। पुलिस का दावा है कि बाकी के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।