अवैध पीजी के खिलाफ छेड़े गए अभियान के बाद शहर के पंजीकृत पेइंग गेस्ट हाउसों के किराए में 20 से 25 तक बढ़ोतरी हो गई है। ऐसे में बड़ी संख्या में अवैध पीजी के बंद होने के बाद रहने के लिए छत ढूंढ रहे छात्र-छात्राओं और अभिभावकों पर दोहरी मार पड़ रही है। इसको लेकर स्टूडेंट और उनके परिजन खासे परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द ही इस मामले में राहत देने की मांग की है।
शहर में अवैध पीजी के खिलाफ अभियान छेड़ने का सीधा असर छात्र-छात्राओं पर पड़ा है। प्रशासनिक कार्रवाई से घबराए अवैध पीजी संचालकों ने अपना पीजी बंद कर दिया है। इसके बाद शहर के पंजीकृत पीजी संचालकों ने किराए में बढ़ोतरी कर दी है।
पूर्व में एक बेड का जहां पीजी संचालक 7000 रुपये तक किराया ले रहे थे (इसमें आवासीय सुविधा के साथ नाश्ता और खाना शामिल था) अब वही किराया 8500 से 9000 कर दिया गया है। चंडीगढ़ में रहकर पढ़ाई कर रहीं छात्रा सोनाली और तान्या ने बताया कि पीजी बंद होने के बाद उनके पास रहने का ठिकाना नहीं है। इसके बाद किराया बढ़ने से उनके सामने सिर्फ घर वापसी का ही विकल्प ही रह गया है।