चंडीगढ़। सेक्टर-32डी स्थित पीजी में बीते 22 फरवरी को आग लगने से तीन छात्राओं की मौत के मामले में पांच दिन से फरार चल रहे कोठी मालिक गौरव अनेजा को पुलिस ने सेक्टर-32 से बुधवार देर रात गिरफ्तार किया है। आरोपी गौरव को पुलिस ने वीरवार जिला अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अभी तक पुलिस पीजी संचालक नीतेश पोपली का सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस नीतेश की धरपकड़ के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है।
इससे पहले सेक्टर-34 थाना प्रभारी बलदेव कुमार की टीम ने आरोपी संचालक नीतेश बंसल को घटना वाले दिन दबोचकर दो दिन का रिमांड हासिल किया था। रिमांड के दौरान आरोपी ने खुलासा किया था कि उसने बिजनेस के लिए पीजी 90 हजार प्रतिमाह किराए पर लिया है।
गौरतलब है कि शनिवार शाम करीब 4 बजे लैपटॉप को चार्ज करते समय शॉर्ट सर्किट से सेक्टर-32डी स्थित कोठी नंबर 3325 में एक गर्ल्स पीजी में अचानक आग लगी। कमरे में धुआं फैलने से पीजी में मौजूद छात्राओं का दम घुटने लगा। कुछ छात्राएं निकलने में कामयाब हो गईं, जबकि पांच छात्राएं धुएं और आग में फंस गईं। हादसे में हिसार के लक्ष्मी नगर निवासी मुस्कान (21) की झुलसने, जबकि कोटकपूरा (पंजाब) के सत्य बाजार निवासी पाक्षी ग्रोवर (20) और कपूरथला (पंजाब) निवासी रिया अरोड़ा (19) की धुएं में दम घुटने से मौत हो गई थी। सेक्टर-34 थाना पुलिस ने कोठी मालिक गौरव अनेजा और पीजी संचालक नीतेश बंसल व नीतेश पोपली के खिलाफ मामला दर्ज कर नीतेश बंसल को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में करीब डेढ़ साल से अवैध रूप से गर्ल्स पीजी संचालित हो रहा था। पीजी में 10 से ज्यादा कमरे हैं। सेक्टर-34 थाना पुलिस इससे पहले नवंबर 2019 और 5 फरवरी 2020 को आरोपी संचालक नीतेश बंसल पर धारा 188 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार भी किया था।