मनीमाजरा का नाम बदलकर सेक्टर-13 करने के फैसले को जिला अदालत में याचिका दायर कर चुनौती दी गई। यह याचिका लॉयर्स फॉर ह्यूमेनिटी की ओर से दायर की गई। याचिका में कहा गया कि मनीमाजरा से वहां के निवासियों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। मनीमाजरा एक ऐतिहासिक शहर है, जिसका राजा महाराजाओं का एक अपना इतिहास है।
यहीं के राजा ने माता मनसा देवी मंदिर का निर्माण करवाया था। मनीमाजरा के राजा की 48 गांवों पर रियासत थी, जोकि मुल्लांपुर गरीब दास और दूसरी पिंजौर तक घग्घर किनारे तक रियासत थी। मनीमाजरा छह सौ साल पहले गरीब दास द्वारा स्थापित किया गया था। साथ ही याचिका में कहा गया कि मनीमाजरा का एक सामाजिक और धार्मिक महत्व है, क्योंकि यहां पर मनसा देवी की प्रसिद्ध पीठ स्थित है।
याचिका में कहा गया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने लोगों की भावनाओं और वहां की ऐतिहासिकता को नजरअंदाज किया है। यहां प्रसिद्ध माता राज कौर जी गुरुद्वारा है, जिन्होंने इस शहर को रियासत बनाया था। यह गुरुद्वारा मनीमाजरा किले में स्थित है। मनीमाजरा स्थित गुरुद्वारा कुहुनी साहिब ऐतिहासिक पृष्ठभूमि गुरु गोबिंद सिंह के रूप में है, जहां वह आए थे।
यहां पर भगवान राम, सीता और हनुमान को समर्पित ठाकुरद्वारा स्थित है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि मनीमाजरा केवल एक नाम नहीं है, बल्कि एक महान ऐतिहासिक पृष्ठभूमि थी। यह कहा गया था कि अधिकारी सभी तथ्यों की अनदेखी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की भावनाओं को इससे ठेस पहुंच रही है। मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी।