नगर निगम की अधूरी बिल्डिंग का जल्द होगा काम शुरू, नहीं लगाने होंगे तीन सेक्टरों के चक्कर
लंबे विवादों के बाद नगर निगम मुख्यालय को पूरा करने के लिए 23 करोड़ का नया एस्टीमेट तैयार
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर के नागरिकों को अपने काम के लिए तीन अलग-अलग दफ्तरों (सेक्टर-4, 12ए और 14) के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं क्योंकि नगर निगम की अपनी इमारत नहीं है। इस कारण लोग परेशान हैं। इसका कारण है कि नगर निगम मुख्यालय की इमारत लंबे समय से अधूरी पड़ी है। अब इसका काम पूरा होने की उम्मीद जगी है। सेक्टर-3 में स्थित इस निर्माणाधीन इमारत को पूरा करने के लिए नया एस्टीमेट तैयार किया है जो विभागीय मंजूरी के लिए भेजा है।
कुछ वर्षों में कानूनी विवादों और ठेकेदारों के साथ हुए टकराव के कारण इस निर्माण कार्य में कई बार रुकावटें आईं लेकिन अब ये समस्याएं हल होने की दिशा में हैं। पहले इस काम के लिए 17.68 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था लेकिन ठेकेदारों की ऊंची दरों और विवादों के कारण काम रुक गया था। अब नया एस्टीमेट तैयार किया है जिसमें लागत में वृद्धि की गई है। यह नया एस्टीमेट हरियाणा शेड्यूल ऑफ रेट्स (एचएसआर) के आधार पर तैयार किया गया है।
निगम सूत्रों के अनुसार पुराने टेंडर में ठेकेदारों ने 55 फीसदी से अधिक दरों पर बोली लगाई थी जिसके बाद मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा और फाइल रिजेक्ट हो गई थी। अब नए एचएसआर (हरियाणा शेड्यूल ऑफ रेट्स) के आधार पर एस्टीमेट तैयार किया गया है जिससे लागत में वृद्धि हुई है। नई प्रक्रिया के तहत डीएनआईटी (डीटेल्ड नोटिस इनवाइटिंग टेंडर) तैयार कर लिया है और यह अब लीगल एडवाइज के लिए भेजा गया है।
लोगों की परेशानी का कारण बनी अधूरी इमारत
पंचकूला नगर निगम का मुख्यालय लंबे समय से अधूरा है। फिलहाल नगर निगम कार्यालय तीन अलग-अलग सेक्टरों में बंटे हैं। नागरिकों को अपने काम के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। पहले सेक्टर-3 में नगर निगम की मुख्य इमारत का निर्माण शुरू किया गया था लेकिन विवादों के कारण यह काम अधर में लटक गया।
विवादों ने रोका निर्माण
इस इमारत का निर्माण कई उतार-चढ़ावों से गुजर चुका है। 2019-20 में बिल्डिंग बनाने का एस्टीमेट मंजूर हुआ और काम शुरू हुआ, लेकिन सिविल स्ट्रक्चर पूरा होते ही ठेकेदार और निगम के बीच तकनीकी मसले पर विवाद हो गया। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक हस्तक्षेप हुआ और कोर्ट के आदेश के बाद निगम को फिर से टेंडर की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी साइट का दौरा कर विवाद सुलझाने की कोशिश की थी लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया। अब, मुख्यमंत्री के निर्देश पर नए रेट्स के साथ इस फाइल को सक्षम अथॉरिटी के पास भेज दिया है ताकि शहरवासियों को जल्द अपना नया निगम मुख्यालय मिल सके।
कोट
नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत को पूरा करने के लिए नया एस्टीमेट 23 करोड़ रुपये का तैयार किया है। इसकी मंजूरी के लिए विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा है। -विजय गोयल, चीफ इंजीनियर, नगर निगम पंचकूला