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सफाई कर्मियों के मिनी डंपिंग ग्राउंड से लोग बेहाल

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पंचकूला। शहर में सफाई व्यवस्था का हाल-बेहाल है। मुख्य सड़कों, स्कूलों, औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा अन्य जगहों पर सफाई कर्मचारियों ने मिनी डंपिंग ग्राउंड बना दिया है। शहर के कूड़े कचरे को उठाने के बजाय सफाई कर्मचारी जगह-जगह डंप कर देते हैं। इसी तरह शहर का सबसे पॉश इलाका सेक्टर-4 सफाई कर्मचारियों ने कचरा घर बना दिया है। इस प्रकार नगर निगम के सफाई कर्मचारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को धब्बा लगा रहे हैं। यदि यही हाल रहा तो सफाई के मामले में पंचकूला का स्तर और गिर सकता है।
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सेक्टर-4 में सफाई कर्मचारियों ने सतलुज स्कूल की दीवार के साथ मिनी डंपिंग ग्राउंड बना दिया है। पूरे सेक्टर का कूड़ा रेहड़ी के जरिए यहीं इकट्ठा होता है। इसके बाद कर्मचारी प्लास्टिक आदि को यहीं अलग करते हैं। यह मिनी डंपिंग ग्राउंड सतलुज स्कूल की दीवार के साथ बना है। जहां से लोगों को गुजरना मुश्किल हो गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि यहां से लोग गुजरने से परहेज करने लगे हैं। क्योंकि कूड़ा आधी सड़क तक बिखरा होता है और बदबू के चलते सांस लेना मुश्किल हो जाता है। जबकि किसी समय इसी रोड पर सेक्टर के बुजुर्ग सैर करते थे। लेकिन गंदगी के चलते उन्होंने सैर करना बंद कर दिया है। लोगों ने हरियाणा विधानसभा स्पीकर और पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता से इस समस्या के समाधान की मांग की है।
शहर के अन्य क्षेत्रों का भी है बुरा हाल
शहरवासियों ने बताया कि यही हाल सेक्टर-6, सेक्टर-7, सेक्टर-8 और सेक्टर-9 और इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2 का भी है। यहां पर भी कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठाया जाता है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने हरियाणा विधानसभा स्पीकर और पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता से इस समस्या के समाधान की मांग की है।
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कई बार कर चुके हैं शिकायत, नहीं हुआ समाधान
लोगों की मानें तो वह इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि शाम के समय इसी जगह पर सब्जी, फ्रूट वाले रेहड़ी लगाते हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं। उन्हें यहां कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सफाई कर्मचारियों को लोगों की परेशानी का ध्यान रखना चाहिए। उन्हें शहर के अंदर ऐसे किसी भी जगह कूड़ा डंप नहीं करना चाहिए जिससे लोगों को दिक्कत हो। इसके अलावा कर्मचारियों को रोजाना कूड़ा उठाकर डंपिंग ग्राउंड पहुंचाना चाहिए। ऐसा नहीं है कि निगम में सफाई कर्मचारियों की कमी है। इसके बाद भी ऐसा है तो गंभीर मामला है। नगर निगम आयुक्त को स्वयं ध्यान देना चाहिए और संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करनी चाहिए। -सुनील तलवार, पूर्व डिप्टी मेयर पंचकूला।
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