पंचकूला। हरियाणा गवर्नमेंट रिटायर्ड ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के करीब 250 सदस्य रविवार को पंचकूला में न्यूरोलॉजिकल समस्याओं पर आयोजित एक हेल्थ टॉक में शामिल हुए। इस मौके पर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रविंदर शर्मा भी उपस्थित थे।
निजी अस्पताल के न्यूरोसर्जरी कंसलटेंट के डॉ. गौरव जैन कहा कि बढ़ती उम्र के साथ हम अपने शरीर में सिरदर्द, माइग्रेन, चेहरे का विचलन, अनियंत्रित दौरे, स्ट्रोक, स्मृति चले जाना, चलने-फिरने में कठिनाई और बोलने में मुश्किलों आदि के साथ स्पष्ट दिखने वाली और कुछ अदृश्य बदलाव देखते हैं।
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग व्यक्तियों की 55 वर्ष की आयु के बाद एक तंत्रिका संबंधी समस्या से ग्रस्त होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि हमारा दिमाग और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र भी बुढ़ापे की प्रक्रिया से गुजर रहा है। यह एक कारण है कि बुजुर्ग व्यक्तियों को न्यूरोलॉजिकल समस्या से ग्रस्त होने की अधिक संभावना है। न्यूरोसर्जरी से डॉ. मनीष बुद्धिराजा ने कहा कि सामान्य न्यूरोलॉजिकल विकारों में मिर्गी, सिरदर्द, डिमेंशिया, साथ ही साथ मस्तिष्क-संबंधी रोग स्ट्रोक और सीएनएस संक्रमण जैसे अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के उपचार के लिए न्यूरोलॉजिस्ट के पास जाना चाहिए और जल्द से जल्द उपचार किया जाना चाहिए।
डॉ. मनीष ने कहा कि नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। धूम्रपान और तंबाकू को छोड़कर बहुत आराम मिलता है। डायबिटीज हाई बीपी को संतुलित आहार विटामिन बी-6, बी-12 के पर्याप्त स्रोतों के साथ इन बदलावों से काफी राहत प्राप्त की जा सकती है।