दीपावली पर रात आठ से 10 बजे तक पटाखे चलाने का समय तय किए जाने के बावजूद लोगों ने इससे पहले और बाद में जमकर पटाखे फोड़े। हालांकि ऐसा करना कई लोगों को महंगा भी पड़ गया और उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। शहर की थाना पुलिस ने अलग-अलग जगहों से आईपीसी की धारा 188 के तहत कुल 13 मामले दर्ज किए जबकि जबकि बिना लाइसेंस पटाखे बेचने वाले एक व्यक्ति को भी केस दर्ज कर गिरफ्तार किया।
बता दें कि हाईकोर्ट ने रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे चलाने अनुमति दी थी लेकिन इसके बाद भी शहर में कुछ लोग तय अवधि के बाद भी पटाखे बजाने से बाज नहीं आए। इस दौरान पुलिस टीम अपने अपने एरिया में गश्त करते हुए भी दिखी लेकिन कुछ हुड़दंग बाज नियमों की धज्जियां उड़ाते रहे। ऐसे में अलग-अलग इलाकों में संबंधित थाना पुलिस ने कुल 13 मामले दर्ज किए।
इसके अलावा दिवाली पर पुलिस कंट्रोल रूम पर कुल 1435 कॉल्स रिसीव हुईं। इसमें 75 कॉल पटाखे बजाकर हुड़दंग मचाने, आग लगने के 27 स्पॉट, हुड़दंग मचाने के 23 स्पॉट, एक्सीडेंट के 35, झगड़े के 123 स्पॉट और अन्य 137 कॉल्स कंट्रोल रूम में आईं। इसके तहत आग के सभी स्पॉट्स पर 27 फायर टेंडर भेजे गए जबकि पुलिस पीसीआर ने सभी स्पॉट को अटेंड किया।
इस दौरान पुलिस ने कई मामले भी दर्ज किया जबकि कई मामले में महज डीडीआर दर्ज की गई। बता दें कि वर्ष 2016 में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया था जबकि वर्ष 2017 को 41 केसों में 30 लोग पुलिस के हत्थे चढ़े थे। वहीं वर्ष 2018 में 30 केस मे कुल 20 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी जबकि इस दीपावली में 13 केस दर्ज किए गए हैं।
970 पुलिसकर्मी थे तैनात
चंडीगढ़ पुलिस ने दिवाली के अवसर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। छह डीएसपी, 35 इंस्पेक्टर/एसएचओ समेत कुल 970 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा एलांते मॉल, बस स्टेंड पर भी ऑपरेशन सेल के कमांडोज को तैनात कर दिया गया था। साथ ही जगह जगह कुल 42 नाके भी लगाए गए थे।
संदिग्ध लोगों से पूछताछ के अलावा वाहनों की चेकिंग भी की गई। साथ ही किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पुलिस सीसीटीवी का भी सहारा लिया। शहर के सभी मार्केट और बार्डर एरिया के एंट्री प्वाइंट पर लगे कैमरों से भी निगरानी रखा।