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लोग तहसील के लगा रहे चक्कर, नहीं हो रही रजिस्ट्री

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रायपुररानी। जिला पंचकूला में धारा-7ए लगने के बाद लगभग हर वर्ग के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है लेकिन सरकार की ओर से जनता की समस्या को लेकर कोई सुनवाई न किए जाने पर रोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग ढेड महीने से लोग तहसील कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं लेकिन प्लाट की रजिस्ट्रेशन न होने संबंधी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
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क्षेत्रवासियों नैब सिंह नंबरदार वजीदपुर, मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन रूप चंद, हेम सिंह चौहान शाहपुर, जय चंद भट्ट, सोमनाथ शर्मा बटवाल, ब्लाक समिति के पूर्व वाइस चेयरमैन सिंहराम मुरादनगर, मनीष गुप्ता, गौरव वर्मा, आशीष मोनी, सुशील निहारसी वाले, कपिल शर्मा, बहादुर सिंह ककराली ने बताया कि पहले से ही कोरोना के कारण लगभग सभी व्यापार घाटे में चल रहे है। वहीं, सरकार ने जिला में बिना कोई कारण बताए धारा-7 ए लगा लोगों के हितों से खिलवाड़ करते हुए सभी विकास कार्य ठप करवा दिए।
क्या कहते हैं लोग
घर बनाने का सपना अधूरा
धारा -7ए लगने के बाद बहुत से लोगों का अपना आशियाना बनाने का सपना अधूरा रह गया है। सबसे ज्यादा समस्या मध्यम वर्ग के लोगों को हुई है जिनके प्लाट की रजिस्ट्री ही नहीं हो रही। निखिल ने क्षेत्र के भाजपा व जजपा के कथित नेताओं को महज सोशल मीडिया तक सीमित रहने वाले व्यक्ति बताया।
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-निखिल मंगला, जिला आढ़ती एसोसिएशन
चुनाव में भुगतना होगा परिणाम
पहले से हमारे क्षेत्र में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट लगा पिछले लगभग 14 वर्षों से परेशान किया जा रहा है। वहीं, धारा-7ए का कानून लगा प्रदेश सरकार जनता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है जिसका खामियाजा निगम चुनावों की भांति आगामी चुनावों में भी भुगतना पडे़गा।
-कर्मजीत सिंह, निवासी, गांव खेडी
धरना देने पर भी नहीं हुआ समाधान
धारा -7ए के विरोध में प्रदर्शन करते हुए पिंजौर में लगभग 44 दिन क्षेत्र की सभी संस्थाओं के पदाधिकारियों की ओर से धरना दिया गया। कालका की पूर्व विधायक लतिका शर्मा ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखित में ज्ञापन दिया लेकिन प्रदेश सरकार ने कोई समाधान नहीं किया।
- प्रदीप शर्मा, गांव हंगोली
स्थानीय नेता कर रहे ओछी राजनीति
कालका के विधायक प्रदीप चौधरी व अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों की ओर से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया लेकिन सिवाय आश्वासन के आज तक कुछ नहीं हुआ। क्षेत्र के स्थानीय नेताओं को ओछी राजनीति वाले व्यक्ति बताते हुए कहा कि जनहित के लिए कोई भी आवाज नहीं उठाता।
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-राजीव सैनी, निवासी, गढी कोटाहा
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