पीसीए क्रिकेट स्टेडियम के बाहर और भीतर मचे हंगामे की घटना के एक दिन के बाद सोमवार को पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने मामले में आधिकारिक बयान जारी किया। अपने बयान में एसोसिएशन ने पीसीए का नाम और छवि खराब करने की साजिश रचने की बात कही है। सोमवार को एसोसिएशन ने पलटवार करते हुए पन क्रिकेट एसोसिएशन तक पर निशाना साधा।
पीसीए ने अपने बयान में कहा है कि बीसीसीआई की गाइडलाइन के मुताबिक, पन क्रिकेट एसोसिएशन को पीसीए से मान्यता नहीं है। रविवार को पन क्रिकेट एसोसिएशन ने मीडिया को भ्रामक सूचना दी थी कि पीसीए ने 200 गुंडा तत्वों को स्टेडियम के भीतर बुला रखा है जबकि जो लोग स्टेडियम में एकत्र हुए थे, वो पंजाब के विभिन्न क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े लोग थे, जो रविवार को पीसीए के अधिकारियों के साथ पहले से प्रस्तावित बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
पीसीए ने आरोप लगाया कि एसोसिएशन की छवि को खराब करने के लिए पन क्रिकेट एसोसिएशन ने यह साजिश रची थी। पीसीए का नाम खराब करने के लिए कुछ संगठन लगातार इस तरह की कोशिशें कर रहे हैं। बता दें कि रविवार को पीसीए स्टेडियम के बाहर और भीतर खासा हंगामा मचा था। हंगामे के बीच एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने मीडिया के सामाने आकर अपने पद से इस्तीफा देेने की घोषणा कर दी थी। वहीं, पीसीए सचिव आरपी सिंगला ने भी इस्तीफा देने की बात कही थी। हालांकि पीसीए दोनों पदाधिकारियों का लिखित इस्तीफा पहुंचने से इंकार किया था।
झूठी सूचना देकर फैलाई सनसनी : पीसीए
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने रविवार को हुई बैठक के बारे स्पष्ट करते हुए कहा कि ओपन नोटिस में एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त जिला इकाइयों को पंजाब के खिलाड़ी और क्रिकेट की भावी रणनीति को लेकर चर्चा होनी थी। क्योंकि पीसीए के चुनाव निर्धारित हो चुके हैं, इसलिए आचार संहिता भी लागू हो चुकी है। इस वजह से यह तय किया गया था कि और कोई बैठक नहीं बुलाई जाएगी और इसकी सूचना नोटिस बोर्ड पर भी लगा दी गई थी।
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के मुताबिक, पुरुष व महिला वर्ग में जिला एसोसिएशन के सचिव पंजाब भर से पीसीए स्टेडियम में आए थे। जब कोई बैठक नहीं थी तो सभी क्लब हाउस में एकत्रित हो गए थे। उधर, पन क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े लोगों का एक समूह स्टेडियम के बाहर एकत्रित हुआ जिसने खिलाड़ियों के बारे में गलत सूचनाएं फैलाईं, जो अध्यक्ष से मुलाकात करने के बाद अपने जिलो में लौट गए। एसोसिएशन ने अपील की है कि गलतफहमी फैलाने वाले इस तरह के लोगों से दूर रहें।