अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में पटियाला डेंगू से सबसे अधिक प्रभावित है। अब तक जिले में डेंगू के 436 केस मिल चुके हैं जो राज्य के किसी भी अन्य जिले से ज्यादा हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लारवा जांच मुहिम तेज कर दी है।
शुक्रवार को जिले में 31399 घरों में जमा पानी के स्रोतों की जांच की गई। टीमों ने 353 जगहों पर मिले लारवा को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इस अभियान के तहत अब तक 9,97,249 घरों का सर्वे किया है। 9894 जगह पर मिले लारवा को नष्ट किया गया है। सिविल सर्जन डाॅ. जगपाल इंद्र सिंह ने कहा कि डेंगू बुखार फैलाने वाले मच्छरों के पनपने का यह पीक सीजन है। दिन में जाली वाले खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने चाहिए। इसके साथ ही दिन में मच्छर भगाने वाली स्प्रे करनी चाहिए।
डेंगू से बचाव के लिए हर शुक्रवार को चलाए जा रहे अभियान के तहत टीमों ने गलियों/मोहल्लों में घर-घर जाकर रुके हुए पानी के स्रोतों की जांच की। इसमें नर्सिंग स्टूडेंट्स और आशा वर्कर्स ने भी हिस्सा लिया। सिविल सर्जन ने कहा कि कहा कि कहीं भी पानी जमा न होने दें। अगर किसी को तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे और पूरे शरीर में दर्द महसूस हो, तो पास के हेल्थ सेंटर में जाकर डेंगू का टेस्ट जरूर करवाएं।
डाॅ. सुमित सिंह ने बताया कि पंजाब में पटियाला जिला डेंगू से सबसे अधिक प्रभावित है। जिले का नाभा और पटियाला शहरी हलके डेंगू के हाॅट स्पाॅट बने हुए हैं। नाभा शहर व इसके गांवों में अब तक 225 डेंगू के केस सामने आ चुके हैं। पटियाला शहर में 98 केस हुए हैं। पिछले साल इस समय तक डेंगू के केवल 164 केस ही हुए थे।