रास्ते को काटकर निकला है देखो आदमी...यह शगुन अच्छा नहीं... कह रही हैं बिल्लियां। शायर बीडी कालिया हमदम ने पुलिस कम्यूनिटी हब में जब यह शेर सुनाया, तो कमिश्नर राजबीर देसवाल सहित सभी वाह-वाह कह उठे।
इस शेर को कहने का मकसद था कि पहले तो इंसान बिल्ली का रास्ता काटने को अच्छा शगुन नहीं मानता था, लेकिन अब इंसानियत इतनी गिर गई है कि इंसान रास्ता काट दे दो तो उसे अपशगुन माना जाता है।
सेक्टर-14 थाने में नवर्निमित पुलिस कम्यूनिटी हब में अहसास अदबी सोसायटी की तरफ से रविवार को शायरों की महफिल जमी, जिसमें पुलिस कमिश्नर राजबीर देसवाल भी पहुंचे।
काफी देर तक शेरो-शायरी का दौर चलता रहा। इस मुशायरे में बलबीर तन्हा, सुशील हसरत, डॉ. प्रेम विज, विनोद ढुल, डॉ. एसके पुनिया, सतिंद्र त्रिखा जैसे दिग्गजों ने हिस्सा।
इस दौरान सेक्टर-11 व 15 के काफी बुजुर्ग पहुंचे और सभी ने पुलिस कम्यूनिटी हब की तारीफ की।
इस कार्यक्रम के दौरान ही हमदम ने एक और शेर सुनाया, जिसको लोगों ने सराह। शेर कुछ यूं था. .आज मर्यादा का पुरुषोत्तम कहीं मिलता नहीं... वरना मर्यादा की उड़ती इस तरह क्या धज्जियां...।
इसी दौरान बलबीर तन्हा ने सुनाया कि... आइना पत्थर से जब टकराएगा... किस तरह टूटता है दिल बतलाएगा... अपने घर से उनके घर का फासला... उम्र भर न शायद तय हो पाएगा... ।
इसके अलावा अन्य शायरों ने भी अपनी गजलों से अपनी बात कही।