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कोविड मरीजों से वसूल रहे मनमानी रकम

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चंडीगढ़। हरियाणा में निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों से हो रही अधिक पैसे की वसूली की जांच के लिए गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट में मरीजों के बड़े स्तर पर आर्थिक शोषण के मामले सामने आए हैं। कमेटी ने शुक्रवार सुबह ही विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को रिपोर्ट सौंपी। जिसमें पंचकूला सहित अन्य जिलाें के अस्पतालाें का खुलासा किया है। गुप्ता ने देर शाम मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर मामले की गंभीरता से अवगत करवाया।
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कोविड मरीजों के उपचार के लिए पंचकूला के पारस और अलकेमिस्ट समेत अनेक अस्पतालों के बिलों को चेक करने के लिए पंचकूला के अतिरिक्त जिला उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने पाया कि पारस अस्पताल ने एक मरीज को 11 घंटे ऑक्सीजन लगाकर 36 घंटे का बिल बना दिया, जबकि पूरे दिन-रात में 24 घंटे होते हैं। इसी प्रकार रिपोर्ट में पाया कि रेमडेसिविर के 9 टीकों की रकम बिल में जोड़ी गई, जबकि ये इंजेक्शन 6 से ज्यादा नहीं लगाए जा सकते। अस्पतालों ने सरकारी आदेशों का उल्लंघन कर आवश्यकता से अधिक बिल बनाए हैं। इतना ही नहीं दवा और सेवाओं के मार्केट से अलग मनमर्जी के रेट निर्धारित किए। इसके बाद इनको भी धता दिखाते हुए कई गुना ज्यादा वसूली की गई।
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने विधान सभा सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रें स कर पूरे मामले की जानकारी पत्रकारों को दी। उसके बाद शाम को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर इन अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि सरकारी आदेशों के उल्लंघन के मामले में इनके खिलाफ संबंधित अधिनियमों के तहत एफआईआर दर्ज की जाए।
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रकम वापस दिलाएं और अस्पतालों के लाइसेंस रद्द हों
इसके साथ ही जिन रोगियों से अधिक वसूली की गई, उन्हें उनकी रकम वापस दिलाने की मांग भी गुप्ता ने की है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि दोषी अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर उन्हें सरकारी पैनल से हटाना चाहिए।
हरियाणा के साथ ही कई राज्यों से मिली थीं शिकायतें
मालूम हो कि विधान सभा अध्यक्ष के पास हरियाणा के कई जिलों के साथ पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के लोगों ने अस्पतालों द्वारा की जा रही अधिक वसूली के खिलाफ शिकायतें की हैं। गुप्ता ने बताया कि सबसे ज्यादा शिकायतें पंचकूला स्थित पारस और अलकेमिस्ट अस्पताल से जुड़ी हुई हैं। उधर, अलकेमिस्ट अस्पताल प्रबंधन से अपना रिकार्ड साफ होने की बात कही है। उनका कहना है कि अस्पताल में सभी का इलाज मानवीय पहलू और सरकार के नियमों को देखते हुए किया जा रहा है। हमारे पास आज तक किसी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की तरफ से भी कोई शिकायत नहीं आई है।
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