पंचकूला। जिले में जमीन की रजिस्ट्री कराना बहुत आसान और पारदर्शी हो जाएगा। 30 अक्तूबर से पंचकूला की बरवाला तहसील में पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत होगी। इसे सुविधा के बेहतर संचालन के लिए वीरवार को रजिस्ट्री से जुड़े अधिकारियों की ऑनलाइन ट्रेनिंग भी हुई है। इस पहल का मुख्य मकसद राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करना और लोगों को घर बैठे ही अपने काम की सही जानकारी देना है।
इसके साथ ही सीमांकन पोर्टल और पेपर रहित निशानदेही जैसी कई अन्य सुविधाएं भी शुरू होंगी। इस नई सुविधा से अब तहसीलों में जमीन से जुड़े सभी काम बिना कागज के होंगे। फिलहाल रजिस्ट्री से जुड़े अधिकारियों एसडीएम, डीआरओ, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के डिजिटल सिग्नेचर तैयार करवाए जा रहे हैं।
रजिस्ट्री क्लर्क (आरसी) के यूजर आईडी और पासवर्ड भी बनाए जा रहे हैं। राजस्व विभाग कुछ इलाकों के रेवेन्यू आंकड़े चेक कर उन्हें सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर रहा है ताकि शुरुआत के बाद किसी तरह की चूक या परेशानी न हो। इसके अलावा पंचकूला, मोरनी में भी जल्द पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत होने की उम्मीद है।
तहसील या उपरजिस्ट्रार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे
पेपरलेस रजिस्ट्री से जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री के लिए बार-बार तहसील या उपरजिस्ट्रार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नागरिक अपने सभी दस्तावेज पहले ही ऑनलाइन अपलोड और सत्यापित करा सकेंगे। रजिस्ट्री वाले दिन केवल मूल कागज लेकर दफ्तर में एक बार आना होगा। वहां बायोमेट्रिक और हस्ताक्षर की औपचारिकता पूरी होगी। व्हाट्सएप चैटबॉट से आवेदन की स्थिति, फीस और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। इससे समय, मेहनत और बिचौलियों पर होने वाला खर्च बचेगा और रिकाॅर्ड सीधे डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रहेगा।
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अभी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए होगा चैलेंज
रजिस्ट्री की पेमेंट ऑनलाइन होगी। इसके लिए नेट बैंकिंग या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी जरूरी है। ऐसे में गांवों के वे लोग जिन्हें नेट बैंकिंग का अनुभव नहीं है उन्हें डीड राइटर्स पर निर्भर रहना पड़ सकता है, क्योंकि फिलहाल कोई हेल्प डेस्क शुरू करने का प्रावधान नहीं है। रजिस्ट्री करने वाले अधिकारियों के लिए भी यह सिस्टम आसान नहीं होगा। कई प्रॉपर्टी की जमाबंदी 25 से 2000 से ज्यादा पन्नों तक की होती है। ऑनलाइन सभी पन्नों की जांच करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है और गलती की संभावना भी बनी रहेगी। ऐसे में अधिकारियों को फिजिकल डॉक्यूमेंट्स की मदद लेनी पड़ सकती है।
एचएसआईआईडीसी और हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियां हो रहीं अपलोड
पंचकूला में एचएसवीपी और नगर निगम की प्रॉपर्टियों का डाटा पहले ही सॉफ्टवेयर पर अपलोड है। वहीं, एचएसआईआईडीसी और हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियों का डाटा अभी अपडेट किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने दोनों विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी ताकि रजिस्ट्री प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए।