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Panchkula News: हर मानसून में जलभराव से जूझते पंचकूला को मिलेगी राहत

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50 साल पुराने स्टॉर्म वाटर सिस्टम को अपग्रेड करने की तैयारी, अंदरूनी सड़कों का सर्वे कराएगा नगर निगम
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आदित्य शर्मा
पंचकूला। हर मानसून में जलभराव की समस्या से जूझ रहे पंचकूला में नगर निगम अब सेक्टरों की अंदरूनी सड़कों के स्टॉर्म वाटर सिस्टम को अपग्रेड करने की तैयारी में है। करीब 40 से 50 साल पुराने ड्रेनेज नेटवर्क को दुरुस्त करने से पहले निगम अंदरूनी सड़कों का सर्वे कराकर जलभराव वाले स्थानों और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को चिन्हित करेगा। इसके बाद पूरे प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंट नियुक्त कर उसकी रिपोर्ट के आधार पर काम कराया जाएगा।
स्टॉर्म वाटर पाइपलाइनों का डायमीटर बढ़ाकर उनकी पानी निकासी क्षमता बढ़ाने की योजना है। पहले उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां बारिश के दौरान सबसे ज्यादा जलभराव होता है या पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हैं। निगम अलग-अलग स्थानों पर ड्रेनेज से जुड़ी समस्याओं को भी चिन्हित कर रहा है।
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शहर के भूमिगत ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने के लिए मॉडिफाइड वाउंड स्पाइरल लाइनिंग (एमडब्ल्यूएसएल) तकनीक के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, सेक्टरों की अंदरूनी सड़कों की स्थिति और वहां उपलब्ध जगह को देखते हुए तकनीक की उपयोगिता का अध्ययन किया जाएगा।

मुख्य सड़कों पर पीएमडीए करा रहा काम
नगर निगम के अधीन सेक्टरों की अंदरूनी सड़कें हैं, जबकि पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएमडीए) मुख्य सड़कों के स्टॉर्म वाटर सिस्टम पर अलग-अलग चरणों में काम कर रहा है। फिलहाल सेक्टर-4/5 चौक के पास ड्रेनेज से संबंधित काम चल रहा है।

सर्वे में सामने आईं ड्रेनेज की खामियां
पीएमडीए ने प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले शहर के मुख्य मार्गों के स्टॉर्म वाटर नेटवर्क का सर्वे कराया था। इसमें सामने आया कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुका है। पुराने नेटवर्क में दरारें और अन्य संरचनात्मक खामियां होने से कई स्थानों पर आंशिक ब्लॉकेज की समस्या है। इससे पानी निकासी की क्षमता भी प्रभावित हुई है। कई जगह भूमिगत ड्रेन धंसने की शिकायत भी मिली है। इससे हाईटेंशन बिजली के खंभों, बड़े पेड़ों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान का खतरा बना हुआ है।

5.50 करोड़ का पायलट प्रोजेक्ट पूरा
ड्रेनेज नेटवर्क के पुनर्वास की योजना के तहत पीएमडीए ने व्यापक सर्वे के लिए पहले कंसल्टेंट नियुक्त किया था। उसकी सिफारिशों के आधार पर गीता चौक से टाउन पार्क तक 900 एमएम डायमीटर की स्टॉर्म वाटर ड्रेन को मजबूत करने का पायलट प्रोजेक्ट 5.50 करोड़ रुपये की लागत से एमडब्ल्यूएसएल तकनीक से पूरा किया जा चुका है।
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मानसून के बाद बनेगी योजना : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि पंचकूला में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए पहले सेक्टरों की अंदरूनी सड़कों का सर्वे कराया जाएगा। मानसून समाप्त होने के बाद सर्वे रिपोर्ट के आधार पर योजना तैयार की जाएगी। एमडब्ल्यूएसएल तकनीक के इस्तेमाल और कंसल्टेंट की नियुक्ति पर भी विचार किया जाएगा।
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