पंचकूला सेक्टर एक में जल्द तीन मंजिला ड्रग टेस्टिंग लैब बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए 22 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। बिल्डिंग की पहली मंजिल पर ड्रग टेस्टिंग लैब बनाया जाना है, दूसरी मंजिल पर फूड टेस्टिंग लैब बनाने का भी प्रपोजल है। इस लैब में पंचकूला के अलावा दूसरे जिलों से आए फूड सैंपलों की भी जांच की जाएगी। जहां एक ओर इन लैब के बनने के बाद गलत दवाइयां देने के अलावा मिलावटी फूड प्रोडक्ट बेचने वालों पर लगाम लगेगी। वहीं, 15 से 20 दिन में आने वाली रिपोर्ट महज 3 से 5 दिन के भीतर मिलेगी। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारी सुभाष चंद ने बताया कि फूड सैंपलों को जांच के लिए अभी करनाल भेजना पड़ता है, वहीं चंडीगढ़ में भी सैंपलों की जांच की जाती है।
पंचकूला में लैब बनने के बाद करनाल पर वर्कलोड कम होगा
पंचकूला में लैब बनने के बाद करनाल के लैब पर वर्कलोड कम होगा। उससे पूरे प्रदेश को लाभ मिलेगा क्योंकि अभी यहां पूरे प्रदेश से छह से ज्यादा जिलों के सैंपल जांच को आते हैं। वर्कलोड ज्यादा होने की वजह से तीन से पांच दिनों में होने वाले काम में दस से पंद्रह दिन लगते हैं। अभी पंचकूला के अलावा वहां अंबाला, हिसार, गुरुग्राम, कैथल सहित अन्य जिलों के सैंपल जांच को भेजे जाते हैं। एक माह में करीब तीस सैंपल रूटीन में जांच के लिए जाते हैं, ऐसे ही दूसरे जिलों से भी सैंपल करनाल में चेक होने आते हैं, इस कारण रिपोर्ट देरी से आती है।
मेडिसिन की जांच में अभी लगता है पांच माह का समय
मेडिसिन की सैंपल जांच के लिए मधुबन और करनाल के लैब में भेजे जाते हैं। इसकी रिपोर्ट आने में करीब पांच माह का समय लगता है। इस लैब के निर्माण के बाद काफी राहत मिलेगी। सैंपलों की जांच जल्द होने के बाद कार्रवाई जल्द होगी। 22 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। इसमें ड्रग के सैंपल की रिपोर्ट पांच दिन में आ जाएगी। सेक्टर-1 में इस लैब को बनाने के लिए जगह देखी गई है। इस लैब के बनने के बाद पूरे हरियाणा के दवाओं के सैंपल चेक होने यहां आएंगे। गलत दवा बनाने वाले कंपनी और दुकानदार पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा दवा के दुकानदारों की चेकिंग के लिए स्टाफ भी बढ़ाया जाएगा। इसकी मांग कई सालों से की जा रही थी। - विवेक कुमार आहूजा, ड्रग कंट्रोलर हरियाणा