पंचकूला। जिला एवं सत्र न्यायाधीश वेद प्रकाश सिरोही की अदालत ने शनिवार को अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने किराएदार संदीप कुमार को मकान मालिक का बकाया किराया 7.16 लाख रूपये देने के आदेश दिए हैं। दायर मामले के अनुसार यह मामला रविंदर कुमार भाटिया बनाम संदीप राघव से जुड़ा है। किराएदार संदीप राघव ने रेंट कंट्रोलर के 10 सितंबर 2025 के आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी। अपीलकर्ता का कहना था कि वह 2011 से मकान में 6000 मासिक किराए पर रह रहा है और बाद में किराया बढ़ाकर 9300 कर दिया गया था। उसने दावा किया कि उसने ऑनलाइन 1.10 लाख व शेष किराया नकद में चुका दिया है, लेकिन मकान मालिक ने कभी किराए की रसीदें जारी नहीं दीं।
रेंट कंट्रोलर ने माना किराया बकाया
मकान मालिक रविंदर कुमार भाटिया की ओर से तर्क दिया गया कि किराएदार खुद किराए की दर 9300 प्रति माह मान चुका है। 31 दिसंबर 2016 का किरायानामा भी इसका प्रमाण है। किराएदार जुलाई 2019 से किराया नहीं दे रहा है, इसलिए 9300 प्रति माह के हिसाब से बकाया सही तरीके से आंका गया है।
अदालत ने कहा— कैश भुगतान का कोई सबूत नहीं
अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि किराएदार यह साबित नहीं कर पाया कि उसने नकद में किराया अदा किया था। कोई रसीद या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। ऑनलाइन 1.10 लाख की राशि को पहले ही समायोजित कर लिया गया है। इस प्रकार 716000 की राशि का आकलन सही है।
अपील खारिज, आदेश बरकरार
अदालत ने कहा कि अपील में कोई दम नहीं है और रेंट कंट्रोलर का आदेश सही पाया गया है। इस प्रकार अपील खारिज कर दी गई और 7.16 लाख का बकाया किराया जमा कराने का आदेश बरकरार रखा गया।