सेक्टर-19 के रेजीडेंट्स को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पंचकूला, रेलवे और नगर निगम की टीम ने सेक्टर-19 में रेलवे अंडर ब्रिज की फिजिबिलिटी को लेकर रेलवे क्रासिंग का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यहां बड़े आरयूबी के निर्माण की संभावना बहुत कम है। क्योंकि बड़े आरयूबी निर्माण के लिए साढ़े तीन सौ मीटर की लंबाई चाहिए। जबकि यहां 215 मीटर की लंबाई है। ऐसे में एक छोटे आरयूबी का निर्माण हो सकता है। निरीक्षण करने पहुंची टीम में हुडा के एक्सईएन कर्ण सिंह अहलावत, रेलवे के एडीएम और सीनियर सेक्शन अधिकारी और नगर निगम के स्थानीय पार्षद, नगर निगम के एसडीओ शामिल थे।
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यहां पर हम लोगों ने रेलवे अंडर ब्रिज को लेकर फिजिबिलिटी तलाश रहे हैं। रेलवे अंडर ब्रिज के लिए जितनी फिजिबिलिटी चाहिए उतनी नहीं है। फिर भी यदि राज्य सरकार चाहेगी तो यहां रेलवे अंडर ब्रिज बनाया जा सकता है। यह रेलवे ब्रिज आम रेलवे अंडर ब्रिज से छोटा होगा। परविंदर साहनी, एडीएम नार्दर्न रेलवे
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रेलवे, हुडा और नगर निगम की टीम ने सेक्टर-19 में आरयूबी की संभावनाओं को लेकर दौरा किया है। उम्मीद है कि यहां के रेजीडेंट्स को सोल्यूशन तो जल्द मिल जाएगा। टीम ने यहां रेलवे अंडर ब्रिज के लिए जगह की माप की। यहां फिजिबिलिटी भी देखी गई। इस दौरान टीम को रेजीडेंट्स ने सड़कों पर जमा होने वाले पानी की जानकारी भी दी गई। जिसके लिए हुडा के अधिकारियों को बताया गया।
रविकांत स्वामी, पार्षद सेक्टर-19