नगर निगम ने प्रापर्टी टैक्स कलेक्शन के जरिए आय का सोर्स तैयार कर लिया है। निगम द्वारा करवाए गए प्रापर्टी टैक्स के सर्वे में अब तक अस्सी हजार प्रापर्टी का सर्वे किया जा चुका है और जल्द ही बची हुई प्रापर्टी का सर्वे हो जाएगा। अब तक किए गए सर्वे में निगम का ध्यान पंचकूला के ग्रामीण इलाके रहे हैं और अब शहरी इलाकों में सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे का असर यह है कि इस वित्तवर्ष में अब तक नगर निगम में एक करोड़ रुपये का प्रापर्टी टैक्स जमा हो चुका है। जबकि पिछले वर्ष निगम में पांच करोड़ रुपये का प्रापर्टी टैक्स जमा करवाया गया था। निगम द्वारा करवाए जा रहे सर्वे में रेजीडेंशियल, कामर्शियल, औद्योगिक और प्राइवेट हास्पिटल के साथ ही मैरिज प्लेस, होटल और इंस्टीट्यूशन समेत करीब पच्चीस कैटेगरी शामिल हैं अधिकारियों का कहना है कि प्रापर्टी टैक्स के सर्वे का सबसे ज्यादा लाभ निगम की विकास योजनाओं पर दिखाई देगा। जिसके माध्यम से निगम का रेवेन्यू बढ़ेगा और ज्यादा कार्य
हो सकेेंगे।
रेजीडेंशियल हाउस
तीन सौ स्क्वायर यार्ड .75 रुपये प्रति स्क्वायर यार्ड प्रति वर्ष
301-500 स्क्वायर यार्ड-3 रुपये प्रति स्क्वायर यार्ड प्रति वर्ष
501-1000 स्क्वायर यार्ड-4.50 रुपये प्रति स्क्वायर यार्ड प्रति वर्ष
1001 स्क्वायर यार्ड से दो एकड़ 5.25 रुपये प्रति स्क्वायर यार्ड प्रति वर्ष
दो एकड़ से ज्यादा-7.50 रुपये प्रति स्क्वायर यार्ड प्रति वर्ष
(पहले फ्लोर पर 40 फीसदी और दूसरे फ्लोर पर 50 फीसदी की छूट)
फ्लैट्स के लिए प्रापर्टी टैक्स
दो हजार स्क्वायर फीट-.375 रुपये प्रति स्क्वायर फीट प्रति वर्ष
2001-5000 स्क्वायर फीट-.90 रुपये प्रति स्क्वायर फीट प्रति वर्ष
पांच हजार स्क्वायर फीट से ज्यादा-1.125 प्रति स्क्वायर फीट प्रति वर्ष
स्पेशल कैटेगरी (वास्तविक कामर्शियल रेट के हिसाब से)
प्राइवेट हास्पिटल (50 बेड तक) बीस फीसदी
प्राइवेट हास्पिटल (51-100 बेड) चालीस फीसदी
प्राइवेट हास्पिटल (100 से ज्यादा बेड) 60 फीसदी
मैरिज प्लेस 50 फीसदी
सिनेमा हाल्स 100 फीसदी
बैंक 100 फीसदी
क्लब 50 फीसदी
होटल 75 फीसदी
होटल तीन स्टार से ज्यादा 125 फीसदी
प्राइवेट आफिस बिल्डिंग 100 फीसदी
ग्रेन मार्केट शाप 1800 रुपये प्रति वर्ष
ग्रेन मार्केट बूथ 900 रुपये प्रति वर्ष
कोट्स
प्रापर्टी टैक्स से निगम का रेवेन्यू निश्चित रुप से बढ़ेगा। जो एजेंसी सर्वे का कार्य कर रही है वह पचास फीसदी कार्य कर चुकी है। अब तक अस्सी हजार प्रापर्टी का सर्वे किया जा चुका है।
इसका एक लाभ यह भी है कि निगम के अंतर्गत आने वाली सारी प्रापर्टी का रिकार्ड आनलाइन हो जाएगा और आने वाले समय में लोगों को भी इसका लाभ मिलेेगा।
सीबी गोयल पार्षद नगर निगम