सरकारी स्कूल में पांच वर्षीय बच्ची पर हुए हमले के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। एक दिन पहले दो अध्यापिकाओं को सस्पेंड करने के बाद आज स्कूल की प्रिंसिपल नीलू कत्याल को भी निलंबित कर दिया गया है।
तीन दिन पहले बाल वाटिका की एक बच्ची के साथ तीसरी कक्षा के छात्र ने बेरहमी की थी। बच्ची को बहलाकर वह पहली मंजिल के खाली कमरे में ले गया था। घटना के बाद हरियाणा मानवाधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस ललित बत्रा ने संज्ञान लेते हुए इसे सिस्टम की खामी बताया था।
हरियाणा सरकार के सेकेंडरी शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार स्कूल की प्रिंसिपल नीलू को हरियाणा सिविल सर्विसेज (पनिशमेंट एंड अपील) रूल्स, 2016 के रूल 5 के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।
सस्पेंशन अवधि के दौरान उन्हें हरियाणा सिविल सर्विसेज (जनरल) रूल्स, 2016 के रूल 83 के तहत गुजारा भत्ता मिलेगा। आदेश में कहा गया है कि सस्पेंशन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला के कार्यालय में रहेगा और वह सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगी। यह आदेश प्रधान सचिव स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा विजय सिंह दहिया द्वारा जारी किया गया है।