राजधानी दिल्ली के प्रदूषण को लेकर कोहराम मचा हुआ है। या यूं कहें कि वायु प्रदूषण को लेकर तो दिल्ली को यूं ही बदनाम किया जा रहा है। क्योंकि एयर पॉल्यूशन के जो ताजा आंकड़े सामने आए हैं वह बेहद हैरान कर देने वाले हैं। सिटी ब्यूटीफुल के नाम से प्रसिद्ध शहर चंडीगढ़ के साथ लगते हरियाणा के पंचकूला की हवा इतनी खराब है कि यह पूरे देश में सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। वहीं देशभर के पांच सबसे प्रदूषित शहरों में तीन हरियाणा के हैं और टॉप-5 में दिल्ली का नाम भी नहीं है।
इस सीजन में पहली बार पंचकूला देशभर में सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। पंचकूला की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 334 पहुंच चुकी है। वहीं, देशभर में दूसरे नंबर पर प्रदूषित चरखी-दादरी 323 और तीसरे नंबर पर यूपी का बागपत 320 है। इसके अतिरिक्त बल्लभगढ़ 319 और मेरठ 312 बेहद खराब श्रेणी (300-400) में शामिल है।
इस सीजन में दीपावली के बाद पंचकूला का सबसे ज्यादा एक्यूआई 268 तक पहुंचा था। हालांकि, दिवाली के बाद से पंचकूला का एक्यूआई खराब श्रेणी (200-300) के बीच लगातार चल भी रहा था। वहीं, चरखी दादरी और बल्लभगढ़ का एक्यूआई लगातार 300 के पार चल रहा है।
इसी तरह बुधवार को खराब श्रेणी के शहरों में हरियाणा का धारूहेड़ा 298, जींद 212 और रोहतक 268 एक्यूआई है। वहीं, अंबाला, बहादुरगढ़, फरीदाबाद, फतेहाबाद, हिसार, करनाल, मानेसर, सोनीपत और यमुनानगर का एक्यूआई स्तर रिकॉर्ड नहीं किया गया है।
28 अक्तूबर को बहादुरगढ़ का एक्यूआई 347, रोहतक 346, सोनीपत 343 धारूहेड़ा 315 व बल्लभगढ़ का 319 था। यहीं पांचों शहर देशभर में सबसे प्रदूषित थे। जबकि, चरखीदादरी का एक्यूआई 279, भिवानी 260 व करनाल का 236 खराब श्रेणी में आते था। इसी बीच बुधवार को पराली जलाने का दो ही मामला रिकॉर्ड हुआ है।
एक्यूआई बढ़ने पर बातों का रखें ध्यान
- घर से बाहर जाते हुए मास्क पहनें।
- जब एक्यूआई बहुत खराब हो तो सुबह या देर शाम बाहर जाने से बचें
- घर के अंदर हवा को साफ रखें और प्रदूषण-रोधी आहार लें
- घर के अंदर हवा शुद्ध करने के लिए पौधों का उपयोग करें
- धूम्रपान और शराब से दूर रहें, और पर्याप्त पानी पिएं
- बाहर निकलने से पहले धूप, हवा या मौसम की जानकारी रखें
- बच्चों को धूल और धुएं से बचाएं और उन्हें पार्क में खेलने जाने से रोकें
- घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और खिड़कियां बंद रखें
- घर में धूल और गंदगी जमा न होने दें
- घर के अंदर धूम्रपान न करें और सुगंधित केमिकल्स से बचें
- दिन में एक-दो बार भाप लें या गरारे करें, यह सांस की नलियों को साफ रखने में मदद करता है।
जैसा पंचकूला एमडी मेडिसिन डॉ. मानव ने बताया