पांच दिनों में बड़ा फेरबदल
13 मार्च तक निगम के खाते में 50.07 करोड़ रुपये दर्शाए जा रहे थे, लेकिन 16 मार्च को यह राशि घटकर 2.17 करोड़ रह गई। महज पांच दिनों में करीब 48 करोड़ रुपये कम होना गंभीर सवाल खड़े करता है। 22 फरवरी से 18 मार्च के बीच बैंक द्वारा बैलेंस और आंकड़ों में बार-बार बदलाव किए जाने से वित्तीय अनियमितता की आशंका और गहरा गई है।
निगम की लापरवाही भी उजागर
11 एफडी फरवरी 2026 में परिपक्व हो चुकी थीं लेकिन नगर निगम ने समय पर ध्यान नहीं दिया।
बैंक में दो ऐसे खाते भी मिले जिनका निगम के रिकॉर्ड में कोई उल्लेख नहीं था।
बैंक स्टेटमेंट और सरकारी रिकॉर्ड का नियमित मिलान नहीं किया गया जिससे स्थिति और बिगड़ी।
दिलीप राघव के घर से लैपटॉप-हार्ड डिस्क बरामद
नगर निगम के करोड़ों रुपये के एफडी घोटाले में एसीबी ने आरोपी दिलीप राघव से रिमांड के दौरान अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। रिमांड अवधि पूरी होने पर सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच के दौरान एसीबी टीम ने आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी कर एक लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए। इन सभी को सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इनसे वित्तीय लेनदेन और गड़बड़ियों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
इसके अलावा आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ, जिसमें दो सिम कार्ड मिले हैं। मोबाइल डेटा की जांच में संदिग्ध संपर्कों और लेनदेन की जानकारी सामने आने की संभावना है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुछ अन्य व्यक्तियों और बैंक कर्मचारियों की भूमिका के संकेत भी दिए हैं। इसके आधार पर पुलिस अब संदिग्धों की तलाश में जुटी है। साथ ही, आरोपी द्वारा कुछ जानकारियां छिपाने की आशंका भी जताई जा रही है।
जांच एजेंसियां बरामद दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की गहन पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि फॉरेंसिक जांच के बाद मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।