रायपुररानी स्थित महावीर फार्म में मंगलवार को राजीव गांधी पंचायती राज सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता जिला संयोजक और वार्ड दस के जिला परिषद सदस्य फोम लाल ने की। सम्मेलन में पूर्व कैबिनेट मंत्री व राज्यसभा सदस्य कुमारी सैलजा व कांग्रेस पार्टी प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
सम्मेलन में उपस्थित लोगों संबोधित करते हुए सैलजा ने कहा कि यह भीड़ बता रही है लोगों का मोह भाजपा सरकार से भंग हो चुका है। जनता दोबारा कांग्रेस को सत्ता में देखना चाहती है। सांसद सैलजा ने भाजपा सरकार को कोसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनके सहयोगी महज झूठ की राजनीति कर सत्ता पर काबिज हुए हैं। देश के विकास के लिए नया कुछ न करके कांग्रेस की चलाई गई जनकल्याणकारी नीतियों का नाम परिवर्तन कर झूठी वाहवाही लूट रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने भी प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अनुभवहीन लोगों के हाथ में बागडोर सौंप देने से हर वर्ग तंग है। महंगाई चरम सीमा पर है। प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में विकास कार्य करवाने वाली पंचायती कड़ी को कमजोर किया जा रहा है, जिस कारण प्रदेश विकास कार्यों में पिछड़ता जा रहा है।
क्षेत्र इस अवसर पर मुख्यातिथि के साथ पूर्व संसदीय सचिव राम किशन गुज्जर, सम्मेलन के राष्ट्रीय महासचिव दिनेश ठाकुर, सुनील पंवार, अरविंद झा, सढौरा के पूर्व विधायक राजपाल भूखडी, प्रताप सिंह, मनवीर गिल, स्थानीय नेता शाम मंगल, राकेश टिनु, जितेंद्र मोहन अग्रवाल, संतोष शर्मा, निर्मल खेडी, प्रमाल समलेहडी मौजूद रहे।
धर्म और जाति के नाम पर बांट रही है भाजपा: कुमारी सैलजा
कालका। हरियाणा में जाट आरक्षण के चलते जो भी नुकसान हुआ वह केवल भाजपा की अनुभवहीन राज्य सरकार का नतीजा है। जिसे स्वीकार करने के बजाए सरकार कमेटी बनाकर जांच करवा बेदाग साबित होने की कोशिश कर रही है।
यह आरोप राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा ने लगाए हैं। वह मंगलवार को कालका में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने आईं थीं। उन्होंने कहा कि कमेटी द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट सरकार सार्वजनिक नहीं कर रही। इससे सरकार की नीयत का अंदाजा लगाया जा सकता है। दंगे भड़काने का आरोप कांग्रेस पर लग रहे हैं। इस सवाल के जवाब में सैलजा ने कहा कि सरकार जांच करवा ले तो सब साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वह सरकार से मांग कर चुकी हैं कि इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से करवाई जाए।
वहीं अंबाला लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने बारे पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी चुनाव में काफी समय है। फिलहाल उनका एकमात्र उद्देश्य पार्टी को मजबूती प्रदान करना है। चुनाव लड़ने या न लड़ने का निर्णय चुनावों के समय पार्टी हाईकमान के निर्देशानुसार किया जाएगा।