रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को परोसे जाने वाले राजमा-चावल हों या सर्व की जाने वाली कॉफी, अब इसकी गुणवत्ता परख ली गई है। इसको परखने के लिए बड़ौदा हाउस दिल्ली हेडक्वार्टर की टीम आई थी।
जिसने डेढ़ घंटे में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन में यात्रियों के लिए मुहैया करवाई गई सेवाओं का आपरेशन कर डाला। चीफ कामर्शियल मैनेजर सीमा धीर ने यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की बारीकी से जांच की। टीम ने प्लेटफार्म की कैंटीन का राजमा-चावल का स्वाद लिया, जिसे खाने के बाद कैंटीन संचालक से बोले, नॉट बैड।
लेकिन जैसे ही टीम ने कैंटीन की कॉफी की चुसकी ली तो बोले, यह पतली है। टीम के सदस्यों ने स्टाल संचालक से कहा पब्लिक से पैसे लेते हो तो यात्रियों को कॉफी तो ठीक पिलाया करो। टीम ने यहां खुले पड़े डस्टबिन देखे तो उनको ढंकने का आदेश दिया।
इसके साथ ही टीम ने रेलवे स्टेशन पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की। कैमरे पहले से खराब पड़े हैं। कुछ कैमरे रिपेयरिंग के लिए भी गए हैं। उनके साथ अंबाला डिवीजन की सीनियर डीसीएम प्रवीण गौड़ द्विवेदी और स्टेशन अधीक्षक टीपी सिंह और अन्य अधिकारी मौजूद थे। टीम ने सभी प्लेटफार्मों का दौरा किया।
उसके बाद प्लेटफार्म नंबर एक पर बने स्लीपर क्लास के वेटिंग रूम की जांच की। जिसमें खिड़की नहीं सिर्फ शीशे लगे थे। उन्होंने तत्काल अंबाला मंडल के सीनियर डीसीएम को निर्देश दिया कि खिड़की को तत्काल सही करवाए जाए जिससे यात्रियों को गर्मी के दिन में राहत मिल सके।
प्लेटफार्म नंबर पांच पर शेल्टर बनाने की जरूरत
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच का दौरान करने के बाद सीसीएम सीमा धीर ने कहा कि प्लेटफार्म पर शेल्टर का विस्तार होना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने एक एफओबी बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक तरफ है। दूसरी तरफ भी बढ़ाया जाए। उन्होंने पार्सल रूम को दूसरी तरफ शिफ्ट करने की भी बात की। इसके बाद उन्होंने टिकट काउंटर का जायजा लिया।