पंजाब के ग्रामीण विकास सचिव ने व्यक्तिगत तौर पर पेश होकर दिलाया विश्वास
अजीत बालाजी जोशी की दी गई जानकारी के आधार पर याचिका का निपटारा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के प्रशासनिक सचिव अजीत बालाजी जोशी ने अदालत में पेश होकर भरोसा दिलाया कि पंचायत सचिवों के लंबित वेतन जारी करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं और दो महीने में भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। मामला पंचायत सचिवों के लंबित वेतन और कैडर मर्जर से जुड़ा था और जोशी के विश्वास दिलाने पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
मामला वर्ष 2016 बैच के पंचायत सचिवों की ओर से दायर याचिका से जुड़ा था। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि उन्हें विलेज डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजर/ग्राम सेवकों के साथ समाहित करने संबंधी सरकार की मंजूरी को लागू किया जाए। उनका कहना था कि पंजाब सरकार ने 22 जनवरी 2026 को अधिसूचना जारी कर पंचायत सचिव और ग्राम सेवक कैडर को मर्ज कर पंचायत डेवलपमेंट सेक्रेटरी नाम से नया कैडर बना दिया लेकिन इसे सही तरीके से लागू नहीं किया गया।
पंचायत सचिवों के वेतन भी लंबे समय से लंबित हैं जिससे कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सरदविंदर गोयल ने अदालत को बताया कि सरकार की अधिसूचना का उद्देश्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। पंचायत सचिवों का वेतन जारी न होना न केवल कर्मचारियों के साथ अन्याय है बल्कि यह सांविधानिक सिद्धांतों के भी खिलाफ है।
पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस नमित कुमार ने जवाब दाखिल करने में देरी और कर्मचारियों के वेतन जारी न होने पर नाराजगी जताते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए थे। अदालत के आदेश पर प्रशासनिक सचिव अजीत बालाजी जोशी सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित हुए। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि भविष्य में समय पर जवाब दाखिल किए जाएंगे।
सचिव ने यह भी कहा कि पंचायत सचिव और ग्राम सेवकों के कैडर मर्जर का लंबित मुद्दा अब सुलझा लिया गया है। पंचायत सचिवों के बकाया वेतन जारी करने का मामला पंजाब के वित्त विभाग के पास लंबित है और विभाग दो महीने में भुगतान सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।