हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा सरकार ने पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग-ए को आरक्षण देने की शुरुआत महेंद्रगढ़ और सिरसा जिले की पंचायतों से कर दी है। सिरसा जिले की तीन पंचायतों में एक-एक पद पंच के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि महेंद्रगढ़ जिले की एक पंचायत में बीसी-ए को पंच का एक पद मिला है।
प्रदेश सरकार ने शनिवार को ही सीटें आरक्षित करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल मलिक और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने वीसी के जरिये डीसी, एडीसी, एसडीएम, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के साथ चुनावों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में बताया गया कि पंचायतों, ब्लाक समितियों और जिला परिषदों में पिछड़े वर्गों के लिए किस तरह वार्ड आरक्षित करने हैं।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पंचायतों, ब्लाक समिति व जिला परिषदों में सबसे अधिक पिछड़ी आबादी वाले तीन गुना वार्डों का चयन करें। इनमें से ड्रॉ निकालकर तय किया जाएगा कि कौन सी ग्राम पंचायत या वार्ड पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित करना है। इसके लिए परिवार पहचान पत्र का डाटा इस्तेमाल कर सकते हैं। चूंकि, परिवार पहचान पत्र में हर परिवार की जाति और वर्ग दर्ज है। डाटा पूरी तरह अपडेट है। राज्य चुनाव आयोग ने नौ सितंबर तक गुरुग्राम जिला परिषद, पटौदी व फर्रुखनगर ब्लाक समितियों की मतदाता सूचियां अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। गुरुग्राम को छोड़कर शेष हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं की मतदाता सूचियां पहले से प्रकाशित हैं। पिछड़ा वर्ग-ए, महिलाओं और एससी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों का डाटा मिलने पर राज्य चुनाव आयोग दस सितंबर के बाद पंचायती राज संचुनाव कराने की घोषणा कर सकता है।