पंचकूला। सत्तारूढ़ नेताओं के दबाव में नगर निगम के अधिकारी काम कर रहे हैं। यही कारण है कि वह निगम की अनदेखी कर जनता पर पेड पार्किंग को बोझ डाल रहे हैं। पेड पार्किंग को बिना प्रस्ताव बनाए और हाउस की मीटिंग में पास करवाए ही एक सोची समझी राजनीति के तहत जजपा पार्षदों के वार्डों में लागू कर दिया गया। यह आरोप जजपा के जिला शहरी प्रधान ओपी सिहाग ने लगाए हैं। इतना ही नहीं इस मामले को लेकर जजपा का एक प्रतिनिधि मंडल ओपी सिहाग के नेतृत्व में शहरी स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता से चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में मिला और ज्ञापन सौंप पूरे प्रकरण की जानकारी। उधर, वीरवार को नेताओं ने सेक्टर-14 और सेक्टर-20 मार्केट का निरीक्षण भी किया।
प्रतिनिधिमंडल में उनके साथ वार्ड नंबर-14 सेक्टर-20 के पार्षद सुशील गर्ग, मनोनीत पार्षद अरविंद जाखड़, जजपा पंचकूला के वरिष्ठ नेता केसी भारद्वाज उपस्थित थे। ओपी सिहाग ने प्रधान सचिव अरुण गुप्ता को बताया कि दोनों सेक्टरों में गलत तरीके से पेड पार्किंग लगाई गई है। यह कार्य निगम अधिकारियों व मेयर द्वारा बिना निगम के हाउस से प्रस्ताव पारित करवाए और नियमों को ताक पर रखकर किया है। उन्होंने बताया कि यदि पेड पार्किंग लगाई जाती है तो पहले उस मार्केट या एरिया को पूर्ण रूप से विकसित करना होता है। वहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं देनी होती हैं। लेकिन, सेक्टर-14 और सेक्टर-20 की मार्केट अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है। जजपा नेताओं ने पेड पार्किंग को तत्काल हटाने की मांग की।
सेक्टर-14 मार्केट के निरीक्षण के दौरान दुकानदारों, शोरूम मालिकों और वहां पर आने वाले आम लोगों से बातचीत की। लोगों ने बताया कि अभी इस मार्केट में केवल 50 प्रतिशत शोरूम व दुकानें बनी हैं। बड़ी संख्या में प्लाट व शोरूम खाली पड़े हैं। यहां पर पेड पार्किंग लागू करके मेयर व अधिकारियों ने इस मार्केट को खत्म करने की कुचेष्टा की है। वार्ड नंबर-14 के पार्षद सुशील गर्ग ने आरोप लगाया कि मेयर और कुछ भाजपा नेताओ ने एक साजिश के तहत दोनों जजपा के वार्डों में पेड पार्किंग थोपी है। भाजपा के ज्यादातर पार्षदों के वार्ड सेक्टर-7, 15,16, सेक्टर 11 की मेन मार्केट और सेक्टर-4, 8, 9, 10 की अंदरूनी मार्केट पूरी तरह विकसित हैं, लेकिन वहां पेड पार्किंग को लागू नहीं किया गया है। इससे यह साबित होता है कि मेयर और निगम अधिकारी पक्षपात कर रहे हैं।
सेक्टर-20 में स्पीकर से मिले मोटर मार्केट के लोग
सेक्टर-20 में वीरवार को एक निजी कार्यक्रम में पहुंच हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता से मोटर मार्केट के लोग मिले। लोगों ने उन्हें पेड पार्किंग से हो रही परेशानी से अवगत करवाया। इतना ही नहीं लोगों ने इस पेड पार्किंग को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की, क्योंकि इससे उनका कारोबार चौपट हो रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता को मुकेश मेहंदी रत्ता और परवीन गुप्ता अलावा मोटर मार्केट के लोग मिले। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति अपना वाहन ठीक करवाने के लिए आता है उससे पार्किंग वसूला जा रहा है। सबसे ज्यादा शुल्क कामर्शियल वाहन से लिया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में लोगों ने आना बंद कर दिया है, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। लोगों की बातों को सुनने के बाद ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि वह इस मामले को देखते हैं।
कोरोना से व्यापारी उभरे नहीं, थोप दी पेड पार्किंग
इनेलो के वरिष्ठ नेता मनीष छाछिया का कहना है कि कोरोना महामारी की चपेट से व्यापार अभी उभर नहीं पाए हैं। व्यापार को बचाने के लिए वह कई तरह के जुगत लड़ा रहे हैं। उनकी परेशानी को नरजअंदाज कर निगम और भाजपा नेताओं ने दुकानदारों और जनता पर पेड पार्किंग लागू कर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। पेड पार्किंग से लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। छाछिया ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों और मेयर को यह फैसला तत्काल प्रभाव से वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह का फैसला लेने से पहले जनता की भी राय ली जानी चाहिए। जिस स्थान पर पेड पार्किंग को लागू किया जाना है वहां मूलभूत उपलब्ध करनी चाहिए।
आरडब्ल्यूए की मांग पेड पार्किंग को खत्म करें
सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के उपप्रधान योगिंदर क्वात्रा और महासचिव अविनाश मलिक ने नगर निगम के मेयर कुलभूषण गोयल और निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह से मांग की है कि वह पेड पार्किंग को तत्काल प्रभाव से खत्म करेंगे। क्योंकि पेड पार्किंग शुरू होने से स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेड पार्किंग लागू न करने के लिए वह पहले भी मेयर और निगम आयुक्त से गुहार लगा चुके हैं लेकिन अभी तक किसी ने उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया है। पेड पार्किंग को जनता की सुविधा के लिए लागू किया गया है। लेकिन जब जनता ही इसे स्वीकार नहीं कर रही है तो जबरदस्ती को थोपी जा रही है। नियमानुसार अंदरूनी मार्केट में पेड पार्किंग को लागू करने का कोई औचित्य नहीं है।