चंडीगढ़/बटाला। डीजीपी गौरव यादव ने पंजाब के सीमावर्ती जिलों में ऑपरेशन प्रहार के तहत और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यहां गैंगस्टरों उनके गुर्गों और नशा तस्करों से अब और सख्ती से निपटा जाएगा। इन क्षेत्रों में सीमा पार से संचालित आतंकवाद-अपराध गठजोड़ व जबरन वसूली गैंगों की गतिविधियों को पूरी तरह खत्म करने के लिए पुलिस को खुली छूट दे दी गई है।
यह निर्देश डीजीपी ने शुक्रवार को बटाला में हुई एक समीक्षा बैठक के दौरान अफसरों को दिए। इस बैठक में एडीजीपी एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) प्रमोद बान, एडीजीपी काउंटर इंटेलिजेंस अमित प्रसाद, सीपी अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डीआईजी बॉर्डर रेंज संदीप गोयल, डीआईजी फिरोजपुर रेंज स्नेहदीप शर्मा, एसएसपी अमृतसर ग्रामीण सुहेल कासिम मीर, एसएसपी बटाला महिताब सिंह, एसएसपी गुरदासपुर आदित्य, एसएसपी पठानकोट दिलजिंदर सिंह ढिल्लों और एसएसपी तरनतारन सुरेंद्र लांबा समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
डीजीपी ने सभी अफसरों से ऑपरेशन प्रहार-गैंगस्टरों पर वार अभियान के तहत उनके इलाकों की रिपोर्ट पर चर्चा की। डीजीपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी गैंगस्टर या नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। विदेशों से संचालन कर रहे गैंगस्टर, जो अपराधों को अंजाम दे रहे हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द पंजाब वापस लाया जाएगा ताकि उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जा सके, जैसा कि पहले कई मामलों में किया गया है।
उन्होंने जनता खासकर युवाओं से अपराधों और समाज विरोधी तत्वों से दूर रहने तथा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब में अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है। डीजीपी यादव ने लोगों से एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से किसी भी आपराधिक या गैंगस्टर संबंधी गतिविधियों के बारे में गुप्त रूप से जानकारी देने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
डीजीपी ने कहा कि जनता के सहयोग से समाज विरोधी तत्वों को समाज से जड़ से खत्म किया जा सकता है। पिछले दो दिन में ही पंजाब पुलिस ने 100 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध को रोकने और संगठित नेटवर्कों का पर्दाफाश करने में जमीनी स्तर के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।