आने वाले समय से इसका समाधान निकाला जाएगा। उनके पास इस बात का भी कोई जवाब नहीं था कि अगर कोई कार चालक छह मिनट के भीतर बाहर निकलता है और अन्य वाहनों की कतार के कारण निकासी बैरियर से पहले फंस जाता है तो उस पर जुर्माना लगेगा या नहीं। इस पर उन्होंने कहा कि यह प्रणाली दिल्ली रेलवे स्टेशन पर तीन वर्षों से सफलतापूर्वक चल रही है। अगर कतार में फंसकर देरी होती है तो जुर्माना देना ही पड़ेगा। यह पूछने पर कि रेलवे यह कैसे सुनिश्चित करेगा कि पार्किंग ठेकेदार एग्जिट बूम बैरियर पर डमी कारों की कतार नहीं लगाएगा। इस पर हरिमोहन संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और कहा कि यह संभव नहीं है कि कोई ठेकेदार ऐसा करे।
प्रीपेड बूथ हटवाया, डीसीएम बोले- अब कोई जरूरत नहीं
हरिमोहन ने स्टेशन के बाहर से प्रीपेड बूथ को हटाने का आदेश दे दिया। कहा कि पिक एंड ड्रॉप की सुविधा के बाद अब प्रीपेड बूथ की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जीआरपी और आरपीएफ रेलवे स्टेशन पर यातायात की आवाजाही को कम करने में विफल रहे हैं, इसके कारण बूम बैरियर प्रणाली लगाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमने कई बार जीआरपी और आरपीएफ को ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के दौरान यातायात की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कहा है लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे।
छह मिनट का समय बढ़ाया जाए
रेलवे स्टेशन पर पिक एंड ड्राप में लोगों को छह मिनट से ज्यादा का समय दिया जाए। यह प्रैक्टिकल नहीं है। लोगों को गाड़ी आने पर वाहनों की संख्या अधिक हो जाती है। इस कारण पार्किंग में जाम के हालात बने रहते हैं। -मुकेश कुमार, यात्री, रेलवे स्टेशन
पार्किंग शुल्क की दरें फिर से तय हों
वाहनों को पार्क करने के लिए जिस तरह से शुल्क बढ़ाया गया है, वह गलत है। हमारी मांग है कि रेलवे दोबारा अपना सर्वे करवाकर पार्किंग शुल्क तय करना चाहिए। -प्रेम प्रकाश, वाहन मालिक, रेलवे स्टेशन