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पार्किंग विवाद: 1000 का जुर्माना हटाया, अब 30 मिनट के बाद 200 रुपये ही देने होंगे

Thu, 29 Sep 2022 02:24 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/पंचकूला

सार

हरिमोहन ने स्टेशन के बाहर से प्रीपेड बूथ को हटाने का आदेश दे दिया। कहा कि पिक एंड ड्रॉप की सुविधा के बाद अब प्रीपेड बूथ की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जीआरपी और आरपीएफ रेलवे स्टेशन पर यातायात की आवाजाही को कम करने में विफल रहे हैं, इसके कारण बूम बैरियर प्रणाली लगाई गई है।
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन - फोटो : फाइल
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विस्तार
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन की पार्किंग में पिक एंड ड्रॉप के लिए आए वाहन चालकों से अब 30 मिनट के बाद एक हजार रुपये का जुर्माना नहीं वसूला जाएगा। उनसे 200 रुपये ही लिए जाएंगे। वहीं, सामान्य पार्किंग शुल्क को भी 30 रुपये से घटाकर 20 रुपये (प्रति दो घंटे) कर दिया गया है।

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शहरवासियों के लगातार विरोध को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अंबाला मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) हरिमोहन ने बुधवार को यह जानकारी पत्रकारों को दी। वह चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का दौरा करने पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन पर छह मिनट के अंदर पिंक ड्राप का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। छह से 15 मिनट तक 50 रुपये का जुर्माना और 15 मिनट से अधिक होने पर 200 रुपये का जुर्माना लिया जाएगा। हरिमोहन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्टेशन पर आने के बाद अगर आप अधिक समय रहना चाहते हैं पिक एंड ड्रॉप की जगह सामान्य पार्किंग में वाहन खड़ा करें ताकि जुर्माने से बच सकें। कहा कि पिक एंड ड्रॉप के लिए छह मिनट का मुफ्त टाइम पर्याप्त है और इसमें वृद्धि संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि छह मिनट का समय वरिष्ठ नागरिकों के लिए पर्याप्त नहीं है।

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आने वाले समय से इसका समाधान निकाला जाएगा। उनके पास इस बात का भी कोई जवाब नहीं था कि अगर कोई कार चालक छह मिनट के भीतर बाहर निकलता है और अन्य वाहनों की कतार के कारण निकासी बैरियर से पहले फंस जाता है तो उस पर जुर्माना लगेगा या नहीं। इस पर उन्होंने कहा कि यह प्रणाली दिल्ली रेलवे स्टेशन पर तीन वर्षों से सफलतापूर्वक चल रही है। अगर कतार में फंसकर देरी होती है तो जुर्माना देना ही पड़ेगा। यह पूछने पर कि रेलवे यह कैसे सुनिश्चित करेगा कि पार्किंग ठेकेदार एग्जिट बूम बैरियर पर डमी कारों की कतार नहीं लगाएगा। इस पर हरिमोहन संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और कहा कि यह संभव नहीं है कि कोई ठेकेदार ऐसा करे।

प्रीपेड बूथ हटवाया, डीसीएम बोले- अब कोई जरूरत नहीं
हरिमोहन ने स्टेशन के बाहर से प्रीपेड बूथ को हटाने का आदेश दे दिया। कहा कि पिक एंड ड्रॉप की सुविधा के बाद अब प्रीपेड बूथ की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जीआरपी और आरपीएफ रेलवे स्टेशन पर यातायात की आवाजाही को कम करने में विफल रहे हैं, इसके कारण बूम बैरियर प्रणाली लगाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमने कई बार जीआरपी और आरपीएफ को ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के दौरान यातायात की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कहा है लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे।

छह मिनट का समय बढ़ाया जाए
रेलवे स्टेशन पर पिक एंड ड्राप में लोगों को छह मिनट से ज्यादा का समय दिया जाए। यह प्रैक्टिकल नहीं है। लोगों को गाड़ी आने पर वाहनों की संख्या अधिक हो जाती है। इस कारण पार्किंग में जाम के हालात बने रहते हैं। -मुकेश कुमार, यात्री, रेलवे स्टेशन


पार्किंग शुल्क की दरें फिर से तय हों
वाहनों को पार्क करने के लिए जिस तरह से शुल्क बढ़ाया गया है, वह गलत है। हमारी मांग है कि रेलवे दोबारा अपना सर्वे करवाकर पार्किंग शुल्क तय करना चाहिए। -प्रेम प्रकाश, वाहन मालिक, रेलवे स्टेशन
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