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Panchkula News: वर्क वीजा दिलाने के नाम पर युवती से ठगे एक लाख रुपये

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विदेश भेजने और वहां नौकरी दिलाने के नाम पर 15 दिन में चार लोगों से हो चुकी है ठगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। 15 दिन में चार लोगों से ठगी हो चुकी है। ठगी के मामले अलग-अलग थानों में दर्ज है। पिंजौर निवासी युवती को वर्क वीजा देने के नाम पर एक लाख रुपये इमिग्रेशन कंपनी द्वारा ठगने का मामला सामने आया है। पिंजौर पुलिस ने युवती की माता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पिंजौर निवासी दलजीत कौर ने शिकायत में बताया है कि उनकी बेटी और उनके रिश्तेदार को विदेश भेजने के लिए वे घर पर तैयारी कर रहे थे।
उसी दौरान उनकी बेटी ने गूगल पर एमएस माइलस्टोन एजुकेशन एंड इमिग्रेशन सर्विस चंडीगढ़ का नंबर सर्च किया। मिले नंबर पर उसकी बेटी ने कॉल करके पूछा कि आप किस तरह के वीजा में डील करते हैं। वीजा काउंसलर ने उसको बताया कि स्टडी वीजा और वर्क वीजा में डील करते हैं। इसके बाद वे 6 अप्रैल को परिवार सहित इमिग्रेशन ऑफिस पहुंचे। वहां पर उन्हें पवन कुमार उर्फ पम्मा ने अर्मीनिया के वर्क परमिट के बारे में बताया और कहा कि आप को दस्तावेज जमा करवाने होंगे। पवन ने उन्हें बताया कि फीस के विषय में आपको मैडम बताएंगी। इसके बाद वे मैडम से मिले तो उनको बताया गया कि आपको ओरिजिनल पासपोर्ट और एजुकेशनल दस्तावेज और एक लाख रुपये एप्लीकेशन के समय देने होंगे। कुल फीस 3,50,000 रुपये देने होंगे। उनको बताया गया कि अर्मीनिया में यूएसडी 700 प्रति माह की नौकरी मिलेगी और आपका वर्क परमिट दो साल के लिया मान्य होगा।
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वर्क वीजा की जगह टूरिस्ट वीजा दिया
इसके बाद शिकायतकर्ता ने 8 अप्रैल को सभी कागजात और एक लाख रुपये एडवांस दे दिए। 12 अप्रैल को उनकी तरफ से शिकायतकर्ता को वीजा व्हाट्सएप नंबर पर भेजा गया। उन्होंने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से वीजा की वास्तविकता चेक करने के लिए कहा और स्वयं भी इंटरनेट पर चेक किया तो पता चला कि उन्हें एक टूरिस्ट वीजा दिया गया है। यह 21 दिन का है। इसके बाद उन्होंने पवन कुमार से बात की तो उसने बदतमीजी से बात की और कहा कि यही वर्क परमिट है। इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को बाकी पैसे भी जमा करवाने को कहा। उसने कहा कि यदि बाकी पैसे जमा नहीं करवाए तो वह पासपोर्ट भी बैन करवा देगा और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई।



कनाडा की पीआर और नौकरी दिलवाने के नाम पर 2.23 करोड़ की ठगे
जीरकपुर निवासी एजेंट के क्लाइंट को कनाडा में पीआर दिलवाने और नौकरी लगवाने के नाम पर 2.23 करोड़ रुपये की ठगी की थी। एजेंट की शिकायत पर सेक्टर-7 थाना पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।। जीरकपुर निवासी कनव शर्मा ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दी थी।
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विदेश भेजने के नाम पर पूर्व रणजी खिलाड़ी ने चार लाख रुपये ठगे
हरियाणा के पूर्व रणजी खिलाड़ी ने 20 साल के युवक का धर्म परिवर्तन करने के बाद विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर 40 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपी संजय कौशिक पिंजौर निवासी को गिरफ्तार कर लिया था। पिंजौर निवासी बिट्टू की शिकायत पर पिंजौर पुलिस थाना में मामला दर्ज किया था। आरोपी ने खुद को चर्च का पादरी बताया था और शिकायतकर्ता के बेटे से उसकी मुलाकात चर्च में हुई थी।



-धोखेबाजों से बचने के लिए सतर्क रहें
-यदि कोई विदेश में पढ़ाई या नौकरी के लिए जाना चाहता है तो सबसे पहले उसे सहयोगी एजेंसी या एजेंट के लाइसेंस की जांच करनी चाहिए।
-एजेंट का पूरा पता और जानकारी भी ली जानी चाहिए, ताकि यदि आप ठगी का शिकार हो जाएं तो शिकायत की जा सके।
-एप्लीकेशन में कोई गलत न जानकारी दें। वीजाधारी के कहने पर भी ऐसा न करें।
-एजेंसी द्वारा जो वीजा दिया जा रहा है, उसकी जांच करें। वीजा सही पाए जाने के बाद ही भुगतान करें। इसके लिए पुलिस की मदद भी ली जा सकती है।
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