कुंडली में कफ सिरप बनाने वाली कंपनी पर छापा।
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हरियाणा के सोनीपत में सिरप बनाने वाली कंपनी का पुराना स्टॉक सील कर दिया गया है। कोलकाता लैब से सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने तक कंपनी सिरप भी तैयार नहीं कर पाएगी। इसके लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने रोक लगा दी है। हरियाणा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
केंद्र सरकार ने कंपनी के सिरप का निर्यात भी रोक दिया है। इस सिरप से गांबिया में बच्चों की मौत होने पर सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है। किसी अन्य देश में इस सिरप से किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं चाहती। हालांकि, बड़े देशों में इस कंपनी के सिरप का निर्यात पहले ही बंद है। अब जांच का विषय यह भी है कि आखिरकार सिरप की गड़बड़ी प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर कैसे नहीं पकड़ी गई।
हर साल खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग एवं केंद्रीय औषधि नियंत्रण ब्यूरो तैयार दवाओं और सिरप का परीक्षण करने के बाद उसके इस्तेमाल और निर्यात की मंजूरी देता है। इस सिरप की गड़बड़ी पकड़ने में किस स्तर पर चूक हुई है, अब इसकी जांच की जा रही है। इसमें प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
हरियाणा सरकार की ओर से अब इस मामले की विस्तृत जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। कमेटी इस जांच करेगी कि आखिर किस स्तर जांच में कमी रही है और इसके लिए कौन कौन जिम्मेदार है। हरियाणा के ड्रग कंट्रोलर मनमोहन तनेजा ने कहा कि सिरप समेत अन्य के 5 सैंपल लिए गए हैं। सैंपलों को जांच के लिए भेज दिया है। इसके अलावा, कंपनी के रिकार्ड और दस्तावेज की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि समय पर दवाओं की जांच की जाती है। यह सिरप मार्च 2022 में भेजी गई थी। टेस्ट रिपोर्ट के बाद ही कोई दवा निर्यात होती है। कहां पर क्या चूक रही है, इसकी विस्तृत जांच चल रही है।