अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पुरानी पेंशन प्राप्ति फ्रंट (पीपीपीएफ) की ओर से मांगों को लेकर सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले फ्रंट के नुमाइंदों ने स्थानीय तर्कशील हाॅल में कन्वेंशन की।
इस मौके पर फ्रंट के राज्य कन्वीनर अतिंदरपाल सिंह ने एनपीएस और यूपीएस का तुलनात्मक अध्ययन पेश करते हुए 1972 के नियमों वाली पुरानी पेंशन की जरूरत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एनपीएस और यूपीएस दोनों पेंशन प्रणालियां पूरी तरह से शेयर मार्केट और मार्केट खतरे से जुड़ी हैं।
पुरानी पेंशन के संघर्ष को कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाई गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को भी कर्मचारियों ने नकार दिया है क्योंकि यह भी पेंशन कर्मचारी के निजी योगदान पर आधारित है।
इस मौके पर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के प्रदेश प्रधान विक्रम देव सिंह और डेमोक्रेटिक इंप्लाइज फेडरेशन के महासचिव डॉ. हरदीप टोडरपुर ने कहा कि पुरानी पेंशन के मुद्दे पर पंजाब के कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ गुस्सा है। कनवेंशन के बाद कर्मचारियों ने सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।