चंडीगढ़। बीते शनिवार को सेक्टर-22 लाइट प्वाइंट पर पीजीआई नर्सिंग अफसर को पीटने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि पुलिस सही ढंग से कार्रवाई करने की बजाय मामले में लापरवाही बरत रही है। हालांकि सेंट्रल डीएसपी कृष्ण कुमार के द्वारा इस केस की रिपोर्ट एसएसपी ट्रैफिक को सौंप दी गई है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मामले में बनती कार्रवाई की जाएगी जबकि मामले में सेक्टर-17 थाना पुलिस ने महज डीडीआर दर्ज की गई है। वहीं, इस मामले में अब तक ट्रैफिक नियम तोड़ने का चालान भी नहीं किया गया है।
वहीं पीड़ित शिवनाथ ने दूसरे दिन भी आरोप लगाया कि वह सुबह से थाने और पुलिस चौकी में इंसाफ पाने के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस उनकी एक नहीं सुन रही है। इतने चक्कर लगाने के बाद रविवार शाम उन्हें डीडीआर की कॉपी दी गई। पीड़ित का कहना है कि जब तक पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी, तब तक थाने के चक्कर काटता रहूंगा।
बता दें कि बीते रविवार सुबह सारंगपुर निवासी शिवनाथ ने आरोप में बताया था कि वह सुबह करीब 11 बजे पत्नी के साथ सेक्टर-22 स्थित स्कूल से बच्चों को लेकर वापस घर लौट रहे थे। उनकी पत्नी ने हेलमेट नहीं पहना था। सेक्टर-22 किरण सिनेमा लाइट प्वाइंट पर पहुंचा तो सेंट्रल डीएसपी एसपीएस सोंधी ने बोला कि ‘तुम लोग सुधरोेगे नहीं, चल बाइक साइड में लगा’ इतना कहते हुए वह गाड़ी से नीचे उतरकर उनसे अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे। जैसे ही उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मौजूद दो अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया और डीएसपी ने गला दबाते हुए मुंह पर मुक्का मार दिया। इससे उनकी नाक पर गंभीर चोट लगी और खून निकलने लगा। इस बीच पत्नी ने बीचबचाव किया तो उसके साथ भी धक्का मुक्की की। यह देख आसपास के लोगों ने बीचबचाव किया तो बमुश्किल उन्हें छोड़ा गया। वहीं डीएसपी एसपीएस सोंधी ने अपने ऊपर लगने आरोपों को बेबुनियाद बताया था।
डीएसपी सोंधी पर अब ऑटो चालक ने लगाया मारपीट का आरोप
अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि एक एसपीएस सोंधी के खिलाफ एक और व्यक्ति मारपीट का आरोप लगा रहा है। बुड़ैल निवासी ऑटो चालक सयाल खान ने आरोप लगाया कि बीते करीब तीन दिन पहले वह ऑटो लेकर सेेक्टर-22 मार्केट के पास खड़ा था। इस दौरान डीएसपी ने उसकी पिटाई कर ऑटो के कागजात नहीं होने से इंपाउंड कर दिया। चालक ने कहा कि ऑटो इंपाउंड तो कर सकते हैं, लेकिन किसी को मारना गलत है।