मसल रिलैक्सेशन इंजेक्शन की ओवरडोज के बाद रुकी हृदय गतिपुलिस मृतक नर्स के फोन को सर्च कर रही, बिसरा रिपोर्ट करनाल भेजी
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के आईसीयू में रविवार रात नर्स प्रीति की मौत के मामले ने नया मोड़ लिया है। पहले जिसे आत्महत्या बताया जा रहा था उसमें अब सामने आया है कि प्रीती की मौत इंजेक्शन की ओवरडोज के कारण हुई थी। पांच सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। टीम में डॉ. कल्पना त्यागी, डॉ. निखिल, डॉ. दीपक, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सुखदीप कौर और पीएमओ डॉ. आरएस चौहान शामिल रहे।
पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि नर्स प्रीति ने हाथ में कैनुला लगाकर मसल रिलैक्सेंट इंजेक्शन की ओवरडोज ली जिससे उसकी हृदय गति रुक गई। पोस्टमार्टम के बाद बिसरा जांच के लिए करनाल लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
प्रीति बेनीवाल मूल रूप से हिसार के जुगलान गांव की रहने वाली थी और वर्तमान में सेक्टर-31 पंचकूला में परिवार के साथ रह रही थी। उसकी नौकरी वर्ष 2024 में लगी थी और पहली पोस्टिंग सिविल अस्पताल पंचकूला में हुई थी। उसकी ड्यूटी अधिकतर आईसीयू में रहती थी।
रविवार को वह दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक इवनिंग शिफ्ट में ड्यूटी पर थी। ड्यूटी खत्म होने के बाद वह चेंजिंग रूम में गई। शिफ्ट बदलने पर दूसरी नर्स ने उसे चेंजिंग रूम में बेसुध अवस्था में पाया। तुरंत उसे आईसीयू में उपचार दिया गया और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने आईसीयू को कुछ समय के लिए बंद कर दिया। रात करीब 10 बजे फाॅरेंसिक जांच के बाद इसे दोबारा खोला गया। टीम ने मौके से दवाओं के सैंपल भी लिए।
मौत के बाद मोबाइल फोन गायब
मौत से पहले तक प्रीति को मोबाइल फोन इस्तेमाल करते देखा गया था लेकिन घटना के बाद उसका मोबाइल गायब मिला। इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब सीडीआर और लोकेशन के आधार पर जांच कर रही है। फाॅरेंसिक टीम को आईसीयू में कुछ एक्सपायरी इंजेक्शन भी मिले जिन्हें साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया गया है।
परिवार के सदस्य सरकारी सेवा में
प्रीति का भाई नितिन पंचकूला में स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय में कार्यरत है जबकि दूसरा भाई आशीष चुनाव आयोग में सेवारत है। उसकी भाभी पंचायत विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
पेट दर्द के बाद लगाया इंजेक्शन
सेक्टर-7 थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार परिजनों ने बताया कि पेट दर्द के बाद प्रीति ने इंजेक्शन लगाया जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
नर्स प्रीति को भावुक विदाई, निष्पक्ष जांच की मांग
नर्स प्रीति की मौत के बाद साथ काम करने वाली नर्सिंग ऑफिसरों ने भावुक होकर उन्हें विदाई दी। पोस्टमार्टम के बाद प्रीति के शव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन की राज्य प्रधान विनीता बांगड़ ने कहा कि प्रीति बेहद मिलनसार और अनुशासित नर्स थी। वह अपने काम को पूरे समर्पण और ईमानदारी से करती थी। ड्यूटी के दौरान उसका व्यवहार सभी के साथ अच्छा रहता था और कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना स्तब्ध करने वाली है। साथ ही मांग की कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कोट
सिविल अस्पताल की ओर से पांच सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया है। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे।
- डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6